
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी की याचिका पर सुनवाई हुई. इस याचिका में उन्होंने जेल में रहते वक्त अपने पिता की सुरक्षा पर सवाल उठाया है. उनकी इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हृषिकेश रॉय और एसवीएन भट्टी की बेंच ने सुनवाई की.
दरअसल, सोमवार को मुख्तार के बेटे ने अदालत के सामने कहा कि जो खाना उनके पिता को दिया जा रहा था, उसमें जहर था. इसके अलावा गिरफ्तारी के दौरान जेल में उनका मेडिकल चेकअप भी नहीं होता था. जिस वजह से 28 मार्च को दिल का दौरा पड़ने से उनकी (मुख्तार अंसारी) बांदा हॉस्पिटल में मौत हो गई.
सिब्बल ने कोर्ट मे रखा पक्ष
इस मामले की सुनवाई के दौरान उमर अंसारी के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हम लोगों को जिस बात की आशंका थी. आखिरकार वही हुआ. इस मामले को सुन रही पीठ ने सिब्बल से कहा कि आप अच्छी तरह से जानते हैं कि हम उन्हें किसी भी सूरत में वापस नहीं ला सकते हैं.
इसके बाद सिब्बल ने कहा कि इस देश में लोगों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा सकता और देश में किसी के साथ ऐसा सलूक करना ठीक नहीं है. सिब्बल ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके पिता को जेल में खाने के साथ जहर दिया जा रहा था.
अदालत ने जारी किया नोटिस
पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए एक नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा कि भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज जो उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश हुए थे, वे इस पर जवाब दाखिल कर सकते हैं. उन्हें जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया गया है.
एपेक्स कोर्ट हुई थी सुनवाई
इससे पहले 16 जनवरी को याचिका पर सुनवाई करते हुए एपेक्स कोर्ट ने राज्य प्राधिकारियों को सभी सुरक्षा व्यवस्था जारी रखने का निर्देश दिया था. जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि मुख्तार अंसारी की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो. जिसके बाद उमर अंसारी ने एपेक्स कोर्ट से मांग की थी कि उनके पिता को उत्तर प्रदेश से बाहर किसी भी जेल में रखा जाए.
याचिका में कहा गया था कि मुख्तार अंसारी के राजनीतिक बैकग्राउंड के कारण उन पर कई बार जानलेवा हमला किया गया था. इससे पहले भी मुख्तार अंसारी पर पांच बार जान से मारने के लिए हमला किया गया था.