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सेना के एक अधिकारी और उनकी मंगेतर ने ओडिशा पुलिस पर हिरासत में दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. दोनों का दावा है कि गुंडागर्दी की घटना की रिपोर्ट करने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. सेना के सूत्रों के अनुसार, 14 सितंबर की रात को भरतपुर पुलिस स्टेशन पहुंचे दंपति ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन पर शारीरिक हमला किया, छेड़छाड़ किया और गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा.
सेना के सूत्रों का कहना है कि अधिकारी और उनकी मंगेतर पर भुवनेश्वर में अपने कार्यस्थल से घर लौटते समय बदमाशों के एक समूह ने कथित तौर पर हमला किया था. दंपति का दावा है कि हमलावर तीन कारों में सवार थे, उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और घटनास्थल से भागने से पहले शारीरिक हिंसा की. एक वाहन का रजिस्ट्रेशन नोट करने के बाद दंपत्ति ने भरतपुर पुलिस स्टेशन में मदद मांगी, उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी.
पहले तीखी बहस हुई
दंपत्ति ने बताया कि उनकी उम्मीदों के विपरीत, ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने न केवल तुरंत कार्रवाई करने से इनकार कर दिया, बल्कि इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी कार्रवाई करने से पहले वे लिखित शिकायत दर्ज करें. जब दंपत्ति ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने के लिए कहा, तो तनाव बढ़ गया, जिसके कारण तीखी बहस हुई.
मंगेतर से छेड़छाड़ का आरोप
कथित तौर पर स्थिति तब और बिगड़ गई जब मंगेतर को एक महिला पुलिस अधिकारी अलग कमरे में ले गई. मंगेतर का दावा है कि उनके कपड़े उतारे गए, उनके साथ छेड़छाड़ की गई और मारपीट की गई. इस दौरान, कथित तौर पर एक पुरुष अधिकारी ने कमरे में प्रवेश किया, उसने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकाया.
इस बीच, सेना अधिकारी को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया, उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया गया और दस घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया. वरिष्ठ सेना अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें छोड़ा गया. कथित दुर्व्यवहार के बाद, दंपत्ति ने SUM अस्पताल में मेडिकल जांच का अनुरोध किया, जहां मंगेतर के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए.
हालांकि, उनका दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है. पुलिस स्टेशन लौटने पर दम्पति ने आरोप लगाया कि उन पर माफी मांगने के लिए दबाव डाला गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया और कहा कि वे कानूनी कार्रवाई करना चाहते हैं.