
सड़क पर होने वाली नमाज को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने यूपी से लेकर दिल्ली तक मोर्चा खोल दिया है. पहले संभल और मेरठ में सड़क पर नमाज के खिलाफ फरमान जारी हुआ और अब मामला दिल्ली तक आ गया. दिल्ली में सड़कों पर नमाज पर रोक की मांग की गई तो यूपी में नवरात्र पर मीट की बिक्री पर रोक की मांग की है. विपक्ष ने बीजेपी नेताओं की इस मांग पर कड़ा ऐतराज जताया है और इसे संविधान की अवहेलना करार दिया है.
दरअसल, गुरुवार को दिल्ली बीजेपी के कई विधायकों ने एक सुर में सड़क पर होने वाली नमाज पर रोक लगाने की मांग की तो आम आदमी पार्टी ने इसे बीजेपी की हिन्दू-मुस्लिम वाली राजनीति करार दिया. आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे दोहरी नीति बताया और सौगात-ए-मोदी, इफ्तार पार्टियों में बीजेपी नेताओं के शामिल होने का जिक्र किया.
प्रशासन का सख्त निर्देश
इससे पहले संभल में संवेदनशील माहौल को देखते हुए ईद, अलविदा जुमे की नमाज, नवरात्र और रामनवमी को लेकर प्रशासन ने बुधवार को पीस कमेटी की अहम बैठक हुई थी. बैठक में प्रशासन ने साफ-साफ कहा कि सभी त्योहार परंपरागत तरीके से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराए जाएंगे... लेकिन अधिकारियों ने मुस्लिम पक्ष से कह दिया कि सड़कों के साथ इस बार छत पर भी नमाज पढ़ने की मनाही होगी. वहीं, घरों की छतों पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगाने को लेकर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया और इसे संविधान की अवहेलना करार दिया है.
'उल्लंघन पर पासपोर्ट-लाइसेंस होंगे रद्द'
इसके इतर ईद और नमाज को लेकर मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने बताया, आने वाली ईद पर धर्मगुरु, ईमामों से अपील की गई है कि नमाज अपने आसपास की मस्जिदों में पढ़ें. किसी भी सूरत में रोड पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी. आदेश का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी और पासपोर्ट, लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं.
जयंत चौधरी ने की आदेश की आलोचना
वहीं, दूसरी तरफ नमाजियों पर मेरठ पुलिस के आदेश को लेकर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा है कि पुलिस को ये नहीं कहना चाहिए कि हम पासपोर्ट ले लेंगे. प्रशासन सड़कों को खाली रखने की बात कर सकता है, लेकिन इसके लिए संवेदनशीलता के साथ समुदाय के लोगों से संवाद करना चाहिए.
संभल के सांसद ने उठाया सवाल
प्रशासन के घरों की छतों पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगाने को लेकर संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने सवाल उठाए हैं. सपा सांसद ने कहा कि लोगों के घर की छतों पर नमाज पढ़ने से रोकने का कोई औचित्य नहीं बनता. छत कोई सरकारी, नगर पालिका, ग्राम समाज की जमीन नहीं है. छत व्यक्ति विशेष की जगह है. अगर इंसान अपने घर पर इबादत नहीं करेगा तो कहां जाएगा. इस तरह की पाबंदी हमारे संविधान के अधिकारों के खिलाफ है जो हमें मिले हैं.
मीट की दुकानें बंद करने की मांग
बीजेपी ने यूपी में नवरात्र पर मीट की बिक्री पर रोक लगाने की भी मांग की है. यूपी के मंत्री कपिल अग्रवाल ने पुलिस को फरमान सुनाते हुए कहा,'बीजेपी के मंत्री ने कहा कि 9 दिन नवरात्रों में कोई मीट की दुकान नहीं खुलेगी. सख्ती कराइए... उनको बुलाकर बात करिए. कोई दुकान नहीं खुलेगी.'
अखिलेश ने साधा निशाना
वहीं, गुरुवार को कन्नौज पहुंचे अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, समाजवादी लोग विकास और खुशहाली चाहते हैं. कन्नौज में हमने भाईचारे की सुगंध दी है. ये जो बीजेपी के लोग हैं इनकी नफरत की दुर्गंध है. मैं तो कन्नौज के सुंगध वाले लोगों से कहूंगा कि बीजेपी की दुर्गंध हटाएं. अभी तो थोड़ी हटाई है अगली बार और हटा दो, जिससे की कन्नौज का रुका हुआ विकास आगे बढ़ पाए. आप बताइए दुर्गंध पसंद करते हैं, इसलिए गौशाला बना रहे हैं. हम सुगंध पसंद करते हैं, इसलिए इत्र पार्क बना रहे थे.
बता दें कि यूपी में नवरात्र में मीट की दुकानों को बंद करने की मांग के बाद, अब मध्य प्रदेश में भी मीट की दुकानें बंद करने की मांग उठ रही है. बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब सिर्फ हिन्दुओं पर ही क्यों लागू हो.