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'Video, फोटो या ऑडियो कुछ भी प्रसारित ना किया जाए', प्रज्वल रेवन्ना सेक्स स्कैंडल के बाद कोर्ट पहुंचा इस नेता का बेटा

कर्नाटक के प्रज्वल रेवन्ना सेक्स स्कैंडल केस के सामने आने के बाद कर्नाटक के एक और राजनेता के बेटे ने कोर्ट का रुख किया है. अदालत का रुख करते हुए नेता पुत्र ने मांग की है कि उनके खिलाफ कोई वीडियो, ऑडियो या फोटो प्रकाशित या अपलोड ना किया जाए, जिनमें अपमानजनक चीजें दिखाई गई हों.

High Court of Karnataka (File Photo) High Court of Karnataka (File Photo)
नागार्जुन
  • बेंगलुरु,
  • 02 मई 2024,
  • अपडेटेड 2:38 PM IST

कर्नाटक के प्रज्वल रेवन्ना सेक्स स्कैंडल केस के सामने आने के बाद कर्नाटक के एक और राजनेता के बेटे ने कोर्ट का रुख किया है. अदालत का रुख करते हुए नेता पुत्र ने मांग की है कि उनके खिलाफ कोई वीडियो, ऑडियो या फोटो प्रकाशित या अपलोड ना किया जाए, जिनमें अपमानजनक चीजें दिखाई गई हों.

प्रज्वल रेवन्ना स्कैंडल के बाद अदालत का रुख करने वाले राजनेता के बेटे का नाम KE कांतेश हैं. वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व नेता केएस ईश्वरअप्पा के बेटे हैं. 

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इस मामले में आदेश की कॉपी में कहा गया है कि वादी के पास अस्थायी निषेधाज्ञा है. इसके मुताबिक प्रतिवादी उनके एजेंटों, उनके गुर्गों या उनके माध्यम से काम करने वाले या उनके अधीन दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई भी फोटो, वीडियो, स्क्रीनशॉट, या अश्लील ऑडियो को प्रसारित करने या प्रकाशित करने से रोका जाएगा. इस मामले केएस ईश्वरप्पा ने कहा,'हम जानते हैं कि इस तरह की राजनीति का जवाब कैसे देना है, इसलिए हमें बस इतना ही करना है.'

इधर बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना

प्रज्वल रेवन्ना के मामले में एक तरफ जेडीएस और बीजेपी को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है तो वहीं अब बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की नीयत पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि मुझे जो जानकारी मिली, उसके मुताबिक ये वीडियो 6 महीने या सालभर पुराने नहीं, बल्कि 2018 के वीडियो हैं. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने प्रज्वल के लिए प्रचार किया था, जब कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन में थे. आपको (कांग्रेस को) जवाब देना होगा कि आपने एफआईआर में इतनी देरी क्यों की?

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जेडीएस ने प्रज्वल को पार्टी से निकाला

प्रज्वल के मामले में आईपीसी की धारा 354ए (यौन शोषण), 354डी (पीछा करना), 506 (धमकी) और 509 (महिला की गरिमा का अपमान) के तहत FIR दर्ज की गई है. जेडीएस ने प्रज्वल को जांच होने तक पार्टी से सस्पेंड कर दिया है और कहा है कि अगर वो दोषी पाए गए तो उन्हें निष्कासित कर दिया जाएगा. प्रज्वल के कथित वायरल वीडियो से पार्टी और उसके नेतृत्व को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है.

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