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गोवा से पकड़ा गया असम ट्रेडिंग स्कैम का मास्टरमाइंड दीपांकर बर्मन, हाई रिटर्न के नाम पर लोगों को लगाया करोड़ों का चूना

असम ट्रेडिंग स्कैम के मास्टरमाइंड दीपांकर बर्मन को गुवाहाटी पुलिस ने गोवा से गिरफ्तार किया है. पुलिस उसे कई महीनों से ढूंढ रही थी. बता दें कि निवेश पर हाई रिटर्न देकर इसने हजारों लोगों को चूना लगाया और कंपनी बंद कर फरार हो गया था. असम सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. उसे वहां कोर्ट में पेश करने के बाद असम लाया जाएगा.

असम ट्रेडिंग स्कैम का आरोपी गिरफ्तार असम ट्रेडिंग स्कैम का आरोपी गिरफ्तार
दिव्येश सिंह
  • मुंबई,
  • 27 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 11:41 PM IST

असम में ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले के मुख्य आरोपी दीपांकर बर्मन को गुवाहाटी पुलिस ने गोवा से गिरफ्तार कर लिया है. असम के पुलिस महानिदेशक (DGP) जीपी सिंह ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की. उसे रविवार को 2 करोड़ 70 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया है.

डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, 'आखिरकार, दीपांकर बर्मन को गोवा में गिरफ्तार कर लिया गया. भागने का सिलसिला खत्म हुआ.

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करोड़ों रुपये की ठगी

इस करोड़ों रुपये के ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले का पर्दाफाश अगस्त के अंतिम सप्ताह में हुआ था, जब निवेशकों ने शिकायत की कि उन्होंने 29 साल के बर्मन की कंपनी में भारी रकम लगाई थी, लेकिन उन्हें उनका वादा किया हुआ रिटर्न नहीं मिला और कंपनी का दफ्तर बंद हो गया.

गुवाहाटी पुलिस के कमिश्नर दिगंता बरा ने बताया कि यह गिरफ्तारी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अमित महतो के नेतृत्व में एक टीम ने की. उन्होंने कहा कि बर्मन को सोमवार को गोवा की एक अदालत में पेश किया जाएगा जिसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर गुवाहाटी लाया जाएगा.

इस स्कैम में 65 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी

गौरतलब है कि इस घोटाले में शामिल 65 से अधिक लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो इसी तरह के घोटाले कर रहे थे. बर्मन के माता-पिता को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. इस घोटाले में असमिया अभिनेत्री सुमी बोराह और उनके फोटोग्राफर पति तरकिक बोराह भी शामिल थे और उन्हें भी गिरफ्तार किया गया था.

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सरकार ने सीबीआई को सौंपी जांच

इस घोटाले के संबंध में दर्ज 41 मामलों की जांच राज्य सरकार ने सीबीआई को सौंपी है. जानकारी के मुताबिक, 20-30 साल की उम्र के युवा पुरुष और महिलाओं द्वारा प्रचारित इन कंपनियों ने राज्य भर के लोगों से भारी धनराशि जुटाई थी, जिसमें यह दावा किया गया था कि उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश करके भारी रिटर्न मिलेगा लेकिन जब ये कंपनियां निवेशकों को पैसे लौटाने में असफल रहीं, तो यह घोटाला उजागर हुआ.

इस मामले में दीपांकर बर्मन की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि वह लंबे समय से फरार था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी. अब उसे गुवाहाटी लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

 

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