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पीएम मोदी ने कहा- संविधान का ज्ञान जरूरी, समझ लें 'KYC'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे कानूनों की भाषा इतनी आसान होनी चाहिए कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी उसको समझ सके. हम भारत के लोगों ने ये संविधान खुद को दिया है. इसलिए इसके तहत लिए गए हर फैसले, हर कानून से सामान्य नागरिक सीधा कनेक्ट महसूस करे, ये सुनिश्चित करना होगा.

PM नरेंद्र मोदी ने कहा संविधान की भाषा आसान हो (फाइल-पीटीआई) PM नरेंद्र मोदी ने कहा संविधान की भाषा आसान हो (फाइल-पीटीआई)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST
  • 'पुराने पड़ चुके कानून को हटाने की प्रक्रिया भी आसान हो'
  • 'KYC हमारे संवैधानिक सुरक्षा कवच को भी मजबूत करेगा'
  • हर नागरिक का आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बढ़ेः पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को संविधान दिवस के मौके पर केवड़िया में जारी एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान का ज्ञान जरूरी है. अब हमारा प्रयास ये होना चाहिए कि संविधान के प्रति सामान्य नागरिक की समझ और ज्यादा व्यापक हो.

संविधान दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब हमारा प्रयास ये होना चाहिए कि संविधान के प्रति सामान्य नागरिक की समझ और ज्यादा व्यापक हो. आजकल आप लोग सुनते हैं KYC. Know Your Customer डिजिटल सुरक्षा का अहम पहलू है. उसी तरह KYC यानी Know Your Constitution हमारे संवैधानिक सुरक्षा कवच को भी मजबूत कर सकता है.

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे कानूनों की भाषा इतनी आसान होनी चाहिए कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी उसको समझ सके. हम भारत के लोगों ने ये संविधान खुद को दिया है. इसलिए इसके तहत लिए गए हर फैसले, हर कानून से सामान्य नागरिक सीधा कनेक्ट महसूस करे, ये सुनिश्चित करना होगा

कानून की भाषा आसान होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां बड़ी समस्या ये भी रही है कि संवैधानिक और कानूनी भाषा, उस व्यक्ति को समझने में मुश्किल होती है जिसके लिए वो कानून बना है. मुश्किल शब्द, लंबी-लंबी लाइनें, बड़े-बड़े पैराग्राफ, क्लॉज-सब क्लॉज, यानी जाने-अनजाने एक मुश्किल जाल बन जाता है.

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पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ जो कानून अपना महत्व खो चुके हैं, उनको हटाने की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए. बीते सालों में ऐसे सैकड़ों कानून हटाए जा चुके हैं. क्या हम ऐसी व्यवस्था नहीं बना सकते जिससे पुराने कानूनों में संशोधन की तरह, पुराने कानूनों को रिपील करने की प्रक्रिया स्वत: चलती रहे?.

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नागरिकों से आह्वान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर नागरिक का आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बढ़े, ये संविधान की भी अपेक्षा है और हमारा भी ये निरंतर प्रयास है. ये तभी संभव है जब हम सभी अपने कर्तव्यों को, अपने अधिकारों का स्रोत मानेंगे, अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे.

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