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'अभी बंटवारा नहीं हुआ', शर्मिला-जगन में संपत्ति विवाद के बीच आया मां का बयान

परिवार की निजता का अनुरोध करते हुए विजयम्मा ने वाईएसआरसीपी नेताओं विजयसाई रेड्डी और वीवाई सुब्बा रेड्डी पर आरोप लगाया कि वे तथ्यों को जानने के बावजूद मामले के बारे में गलत बयान दे रहे हैं. हाल ही में जगन रेड्डी ने सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में शेयर विवाद को लेकर शर्मिला और विजयम्मा के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में याचिका दायर की थी.

Jagan Mohan Reddy/YS Vijayamma/YS Sharmila Jagan Mohan Reddy/YS Vijayamma/YS Sharmila
अपूर्वा जयचंद्रन
  • अमरावती,
  • 30 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी और राज्य कांग्रेस प्रमुख वाईएस शर्मिला की मां वाईएस विजयम्मा ने संपत्ति विवाद को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि उनके पति के जीवित रहते पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा नहीं किया था.

एक पत्र में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की विधवा विजयम्मा ने कहा,'सभी संपत्तियां संयुक्त परिवार की हैं और जगन रेड्डी-शर्मिला इस मामले को सुलझा लेंगे.

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परिवार की निजता का अनुरोध करते हुए विजयम्मा ने वाईएसआरसीपी नेताओं विजयसाई रेड्डी और वीवाई सुब्बा रेड्डी पर आरोप लगाया कि वे तथ्यों को जानने के बावजूद मामले के बारे में गलत बयान दे रहे हैं. हाल ही में जगन रेड्डी ने सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में शेयर विवाद को लेकर शर्मिला और विजयम्मा के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में याचिका दायर की थी. जगन रेड्डी ने कहा था कि उन्होंने शुरू में शर्मिला को 'प्यार और स्नेह के कारण' शेयर आवंटित करने का इरादा किया था, लेकिन हाल ही में उनके प्रति उनके राजनीतिक विरोध के कारण उन्होंने प्रस्ताव वापस ले लिया.

जगन ने लगाया क्या आरोप?

कंपनी अधिनियम की धारा 59 के तहत दायर याचिका में सदस्यों के रजिस्टर में सुधार की मांग की गई है. जगन रेड्डी और उनकी पत्नी वाईएस भारती रेड्डी का दावा है कि शर्मिला और विजयम्मा ने सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 2019 में शर्मिला को अपने शेयरों का एक हिस्सा हस्तांतरित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. हालांकि, आवंटन को कभी अंतिम रूप नहीं दिया गया, जिससे मौजूदा विवाद पैदा हुआ. संपत्तियां कानूनी मामलों के कारण प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कुर्क की जा रही थीं. इसलिए समझौते में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि हस्तांतरण केवल कानूनी मुद्दों के समाधान के बाद ही होगा.

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समझौते का हवाला देकर ट्रांसफर किये शेयर

जगन की याचिका में दावा किया गया है कि इस बात की जानकारी होने के बावजूद कि संपत्ति कानूनी रूप से जब्त की गई थी और अदालती प्रतिबंधों के तहत, शर्मिला ने कथित तौर पर समझौते का हवाला देते हुए विजयम्मा के नाम से शेयर हस्तांतरित किए. यह मामला 10 सितंबर को एनसीएलटी में सूचीबद्ध किया गया था और न्यायाधिकरण 8 नवंबर को मामले की सुनवाई करेगा.

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