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आज भारतीय वायुसेना को मिलने वाली है नई ताकत. फ्रांस से लाए गए 5 लड़ाकू विमान राफेल आज एयरफोर्स को औपचारिक रूप से सौंप दिए जाएंगे. अंबाला एयरबेस पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में ये प्रक्रिया पूरी की जाएगी. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ फ्रांस की रक्षा मंत्री भी समारोह में शिरकत कर रही हैं.
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर होगी. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस बिपिन रावत और भारतीय वायुसेना के चीफ आरकेएस भदौरिया पहुंचेंगे. इसके पांच मिनट बाद यानी 10 बजकर 20 मिनट पर पूजा होगी. 10 बजकर 30 मिनट पर फ्लाई पास्ट शुरू होगा. इसके बाद वक्ता बोलेंगे और राफेल को औपचारिक रूप से एयरफोर्स का हिस्सा बना लिया जाएगा.
सर्वधर्म पूजा से लेकर फ्लाई पास्ट तक
औपचारिक रूप से आज पांच लड़ाकू विमान राफेल एयरफोर्स में शामिल होंगे. इस मौके पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. अंबाला एयरबेस पर सर्व धर्म पूजा की जाएगी. फिर राफेल आसमान में उड़ान भरकर अपनी ताकत का अहसास कराएंगे. साथ ही स्वदेशी एयरक्राफ्ट तेजस का एयर डिस्प्ले भी होगा.
अंबाला एयरबेस पर आयोजित भव्य समारोह की शान बढाएगी सारंग एयरोबेटिक टीम. ये टीम अपने अनूठे करतब से राफेल को सलामी देगी. सुखोई और जगुआर लड़ाई विमान भी फ्लाई पास्ट कर सकते हैं. आखिर में पारंपरिक अंदाज में फिर से राफेल विमानों को वाटर कैनन सलामी दी जाएगी.
इस विशेष समारोह की विशेष मेहमान होंगी फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली. इस मौके पर राफेल बनाने वाली कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी हो सकती है. अभी फ्रांस से और 31 राफेल विमानों का आना बाकी है.
सभी 5 राफेल 17वीं स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो का हिस्सा होंगे. इन लड़ाकू विमानों की तैनाती अंबाला एयरबेस पर ही होगी. चीन और पाकिस्तान जैसे शातिर पड़ोसियों की करतूतों को देखते हुए राफेल की तैनाती बेहद अहम है, क्योंकि राफेल अथाह शक्ति वाला सुपर फाइटर है. ऐसे फाइटर प्लेन जिसके आगे ना तो चीन टिक पाएगा, ना ही पाकिस्तान.
27 जुलाई को इन सभी लड़ाकू विमानों ने फ्रांस के मैरिगनेक एयरबेस से उड़ान भरी थी. 8500 किलोमीटर की दूरी तय कर 2 दिन बाद यानि 29 जुलाई को राफेल विमान अंबाला एयरबेस पहुंचे थे. जहां टचडाउन के बाद इनका भव्य स्वागत हुआ था. वाटर कैनन सैल्यूट भी दिया गया था. इसके बाद से राफेल विमानों की ट्रेनिंग चल रही थी.
कई खूबियों से लैस है राफेल
राफेल लड़ाकू विमान कई खूबियों से लैस है. इसकी असली ताकत हैं इसमें लगे मिसाइल.
हैमर मिसाइल- हिन्दुस्तान ने अपने दुश्मनों के लिए विशेष तौर पर इसे राफेल में लगाने का फैसला किया है. ये एयर टू ग्राउंड मिसाइल है जो 60 से 70 किलोमीटर के रेंज में दुश्मन को मटियामेट कर सकता है.
राफेल की दूसरी और भरोसेमंत ताकत हैं मेट्योर मिसाइल- इस लड़ाकू विमान में सुपरपावर मेट्योर मिसाइल लगे हैं, जो 100 किलोमीटर दूर उड़ रहे लड़ाकू विमान को पलभर में मारकर गिरा सकते हैं.
इसकी तीसरी ताकत भी जान लीजिए जिसका नाम है स्कैल्प मिसाइल- हवा से जमीन पर मार करने वाली स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किलोमीटर है.
एयरफोर्स इस लड़ाकू विमान को बेहद घातक स्पाइस 2000 बम से भी लैस करने वाली है, जो दुश्मन के मजबूत बंकर को पलक झपकते तबाह कर देंगे.