
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में मुसलमानों को लेकर दिए गए राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास ने कहा कि वह जब विदेश जाते हैं तो उनके शरीर में जिन्ना की आत्मा घुस जाती है और अलकायदा जैसे लोगों की सोच घुस जाती है, जहां पर वह भारत के खिलाफ माहौल खड़ा करते हैं. उन्हें किसी अच्छे जानकार से झाड़-फूंक करानी चाहिए.
नकवी ने कहा कि जब-जब भारत की धाक बढ़ती है तो इस घमंडी घराने की सनक बढ़ जाती है. राहुल गांधी की प्रॉब्लम यह है कि आज भी एक्सेप्ट नहीं कर पा रहे हैं कि इनकी सामंती जागीरदारी को नरेंद्र मोदी ने समावेशी विकास के जरिए कैसे ध्वस्त कर दिया है. राहुल गांधी को लगता है कि डायनेस्टी जो है, वही डेमोक्रेसी है. उन्होंने भारत को बदनाम करने का ठेका ले लिया है.
मुख्तार अब्बास ने कहा कि कांग्रेस ने मुसलमानों को च्विंगम की तरह यूज किया है. उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी जी किसी परिवार के आंगन में नहीं परिश्रम के अखाड़े से निकलकर आए हैं.
केशव मौर्य बोले- विदेश में जाकर सिर्फ बुराई करते हैं
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी विदेश में जाकर सिर्फ मोदी और भारत की बुराई कर सकते हैं उनके पास इसके अलावा कुछ नहीं है. अमेरिका भारत से हाथ मिलाता है और राहुल गांधी बुराई करते हैं. उनको भारत के विकास की बात करनी चाहिए.
राहुल जी को समझ नहीं आता है. उनकी सदस्यता जा चुकी है और कुछ समझ नहीं आता है और बीजेपी सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है.
राहुल गांधी पर ओवैसी का हमला
इसके अलावा ओवैसी ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला है. ओवैसी ने कहा कि राजस्थान में हुई जुनैत और नसीर की हत्या पर राहुल गांधी को बोलना चाहिए क्योंकि वहां कांग्रेस की सरकार है.
ओवैसी ने कहा, "जब राहुल गांधी से मुस्लिमों की हालत पर सवाल पूछा गया तो उसमें बोले कि 1980 में दलित और सिख जैसे हालात में थे, वैसे ही मुस्लिम आज हैं, लेकिन वो भूल गए हैं कि 1980 में उनकी ही सरकार थी. 1984 में सिखों के खिलाफ दंगे भी कांग्रेस सरकार में ही हुए थे.
अमेरिका में राहुल गांधी ने क्या कहा है?
मुस्लिम समुदाय पर अत्याचार से जुड़े सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोलेंगे. मुसलमानों को लग रहा है कि उन पर ज्यादा हमले हो रहे हैं. लेकिन सिख, दलित, आदिवासी सभी ऐसा ही महसूस कर रहे हैं. हर कोई पूछ रहा है कि क्या चल रहा है? मुसलमान इसे अधिक महसूस करते हैं क्योंकि उनको ज्यादा केंद्रित किया जा रहा है. लेकिन हम नफरत को नफरत से नहीं हरा सकते. हम प्यार से नफरत को हराएंगे. भारत नफरत में विश्वास नहीं रखता. आज भारत में मुसलमानों के साथ जो हो रहा है, वही उत्तर प्रदेश में दलितों के साथ होता था. लेकिन हम इसे चुनौती देंगे, इससे लड़ेंगे.