
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को संसद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए रियायती रेसिप्रोकल टैरिफ पर प्रतिक्रिया दी.
राहुल गांधी ने सरकार से पूछा कि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगा दिया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा. सरकार को अब ये बताना चाहिए कि वह टैरिफ को लेकर आखिर क्या करने जा रही है?
उन्होंने कहा कि हमारे सहयोगियों ने अचानक हम पर 27 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला कर लिया, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था तबाह होने जा रही है. हमारी ऑटोमोबाइल और फार्मा इंडस्ट्री पर संकट है.
चीन पर क्या बोले राहुल गांधी?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सिर्फ ट्रंप के टैरिफ पर ही नहीं बल्कि चीन विवाद पर भी अपना रुख रखा. उन्होंने कहा कि चीन ने हमारी जमीन कब्जा ली है. देश की कब्जाई जमीन हमें वापस मिलनी चाहिए. सीमा पर पहले की तरह यथास्थिति होनी चाहिए. राहुल ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आपने 44000 वर्ग किलोमीटर की जमीन चीन को दे दी.
राहुल ने कहा कि किसी ने एक बार इंदिरा गांधी जी से पूछा था कि विदेश नीति को लेकर आपका झुकाव लेफ्ट की तरफ होगा या फिर राइट की तरफ लेकिन बीजेपी-आरएसएस तो सीधे-सीधे झुक गई है.
राहुल के इन आरोपों पर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि अक्साई चीन की जमीन किसकी सरकार में गई? उस समय किसकी सरकार थी? हिंदी-चीन भाई-भाई करते रहे और चीन ने पीठ में छूरा मार दिया. डोकलाम की घटना के समय कौन से नेता थे, जो चीनी नेताओं के साथ चीनी सूप पीते रहे? हमारे जवानों के साथ वो नेता खड़े नहीं हुए. चीनी अधिकारियों से पैसा क्यों लिया राजीव गांधी फाउंडेशन ने? हमने चीन के सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है. मोदी जी ने देश की सेना का मनोबल बढ़ाया. ये लोग सिर्फ राजनीति करते है.
बता दें कि अमेरिका ने भारत पर 27 फीसदी डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में ही अमेरिका आए थे. वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. लेकिन इस दौरे के दौरान मैंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं. भारत हमेशा अमेरिका से 52 फीसदी टैरिफ वसूलता है.
बता दें कि व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दो अप्रैल को अमेरिका के लिए मुक्ति दिवस बताया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इस लिबरेशन डे की लंबे समय से जरूरत थी. अब से दो अप्रैल को अमेरिकी इंडस्ट्री के पुनर्जन्म के तौर पर याद किया जाएगा. इसी दिन को हम अमेरिका को फिर से संपन्न राष्ट्र बनाने के तौर पर याद रखेंगे. हम अमेरिका को फिर से संपन्न बनाएंगे.