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'मोदी सरनेम' पर राहुल गांधी को झारखंड की अदालत से भी झटका, खारिज हुई ये याचिका

रांची के प्रदीप मोदी ने मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. उन्होंने कहा था कि एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी के आपत्तिजनक बयानों से सभी मोदी सरनेम वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. 

राहुल गांधी राहुल गांधी
सत्यजीत कुमार
  • रांची,
  • 03 मई 2023,
  • अपडेटेड 5:18 PM IST

मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को एक और झटका लगा है. झारखंड की एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने से छूट देने की याचिका खारिज कर दी है. सूरत कोर्ट से पहले ही सजा पा चुके राहुल गांधी को अब रांची की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना पड़ेगा. 

रांची के प्रदीप मोदी ने मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. उन्होंने कहा था कि एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी के आपत्तिजनक बयानों से सभी मोदी सरनेम वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. 

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इस याचिका में राहुल गांधी के वकील ने कहा था कि उनके मुवक्किल को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने से छूट दी जाए. लेकिन कोर्ट ने उनकी यह याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद अब राहुल गांधी को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट के समक्ष पेश होना पड़ेगा.

राहुल गांधी को हो चुकी है 2 साल की सजा

राहुल गांधी को सूरत कोर्ट ने मोदी सरनेम केस के मानहानि के चार साल पुराने मामले में दो साल की सजा सुनाई थी. अदालत के इस फैसले के बाद सचिवालय ने उनकी संसद सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत स्पीकर ने यह कार्रवाई की थी. साल 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक के कोलार में राहुल गांधी भाषण दे रहे थे. यहां उन्होंने मोदी सरनेम को लेकर बयान दिया था. 

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राहुल गांधी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक में चुनावी रैली में राहुल ने मोदी सरनेम पर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, 'नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी... सबका कॉमन सरनेम क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?' 

राहुल की इस टिप्पणी को लेकर बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था. इस पर बीती 23 मार्च को सूरत की अदालत ने राहुल को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई है. 

सजा का ऐलान करते समय कोर्ट ने कहा था, 'इस अपराध की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि ये भाषण संसद के सदस्य ने दिया था, जिसका जनता पर गहरा प्रभाव पड़ता है.' कोर्ट ने ये भी कहा था कि अगर उन्हें कम सजा दी जाती है तो इससे गलत संदेश जाएगा.

दो साल की सजा मिलने के कारण राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता भी खत्म हो गई. कानूनन अगर किसी सांसद को दो साल की सजा मिलती है तो उसकी सदस्यता तुरंत खत्म हो जाती है.

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