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'हर काम का लेती है 40% इसलिए 40 सीटों पर ही सिमट जाएगी BJP', कर्नाटक में बोले राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कर्नाटक में रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सबसे भ्रष्ट भाजपा सरकार है. वे हर काम के लिए 40% कमीशन लेते हैं. पीएम यह नहीं पहचान सके कि उनके साथ मंच पर कौन बैठा है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने 40% कमीशन लिया है.

कर्नाटक में राहुल गांधी ने रैली की कर्नाटक में राहुल गांधी ने रैली की
शिल्पा नायर
  • बेंगलुरु,
  • 23 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 8:46 PM IST

कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को विजयपुरा में एक विशाल रोड शो किया. इस दौरान भारी भीड़ सड़कों पर नजर आई. रैली में राहुल ने गाड़ी के ऊपर खड़े होकर हाथ हिलाकर लोगों अभिवादन किया. वहीं लोगों को 'राहुल, राहुल' के नारे लगाते सुना गया.रैली के दौरान राहुल गांधी ने जमकर बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा कि बीजेपी सबसे भ्रष्ट सरकार है, इसमें हर काम के लिए 40 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है.

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उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में कर्नाटक में चुनाव होने वाले हैं. हमें याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र के विचार की शिक्षा बसवन्ना जी ने दी थी. हमारे संविधान, संसद और लोकतंत्र में बसवन्नाजी के विचार हैं. प्रत्येक मनुष्य महत्वपूर्ण है और बसवन्नाजी के विचारों के अनुसार उसका सम्मान किया जाना चाहिए. आज बीजेपी और आरएसएस देश में नफरत और हिंसा फैला रहे हैं.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा नेता बसवन्नाजी के विचारों की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में वे उन पर अमल नहीं करते. उन्होंने (बसवन्नाजी) समाज के कमजोर वर्गों का समर्थन करने के लिए कहा. लेकिन उन्होंने हमें केवल व्यापारियों का समर्थन करने के लिए नहीं कहा. मैंने बसवन्नाजी के विचार पढ़े हैं और उन्होंने अडानी को देश का पैसा देने के बारे में कुछ नहीं लिखा.

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यहां आपको बता दें कि बसवन्ना (Basavanna) एक प्रख्यात 12वीं सदी के दार्शनिक, कवि और सामाजिक सुधारक थे. उन्हें लिंगायत धर्म के संस्थापक और सामाजिक समानता, मानव अधिकारों व जाति व्यवस्था के खिलाफ उनके शिक्षणों के लिए जाना जाता है. 

रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि मैंने मोदी और अडानी के संबंधों पर सवाल उठाया है. LIC, SBI और देश का सारा पैसा अडानी को क्यों दिया जा रहा है? उन्होंने (भाजपा) मेरा माइक बंद कर दिया और मुझे संसद से अयोग्य घोषित कर दिया. उन्हें लगता है कि सच केवल संसद में ही बोला जा सकता है, लेकिन सच कहीं भी बोला जा सकता है. बसवन्नाजी ने कहा कि सरकार को कमजोर वर्गों के लिए काम करना चाहिए. हर कोई बेहतर भविष्य का सपना देख सकता है. अगर एक किसान का बेटा पायलट बनना चाहता है और एक मजदूर का बच्चा इंजीनियर बनना चाहता है, तो उन्हें अवसर प्रदान किया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की जानी चाहिए. तो, कांग्रेस ने गृह लक्ष्मी योजना का आश्वासन दिया है. हमने जो आश्वासन दिया है, वह बसवन्नाजी के विचारों से है. उनके (BJP) विचारों को पढ़ते हुए मुझे 40% सरकार के बारे में कुछ भी नहीं मिला. सबसे भ्रष्ट भाजपा सरकार है. वे हर काम के लिए 40% कमीशन लेते हैं. पीएम यह नहीं पहचान सके कि उनके साथ मंच पर कौन बैठा है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने 40% कमीशन लिया है.

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'विधायक खरीदने के लिए कमीशन इकट्ठा कर रहे'

कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा सरकार नहीं चुनी गई थी. उन्होंने विधायक खरीदे और सरकार बनाई. पीएम मोदी को लोगों को यह बताने की जरूरत है कि कैसे बीजेपी ने कर्नाटक में विधायक खरीदे. भाजपा ने मध्य प्रदेश, गोवा और पूर्वोत्तर राज्यों में विधायक खरीदे हैं. वे जो 40% कमीशन इकट्ठा कर रहे हैं, उसका इस्तेमाल हर जगह विधायक खरीदने में किया जा रहा है. 

'कर्नाटक में कांग्रेस को मिलेंगी 150 सीटें'

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में सत्ता में आने वाली कांग्रेस सरकार को भाजपा नहीं खरीद सकती क्योंकि हमें 150 सीटें मिलेंगी. भाजपा को केवल 40 सीटें मिलेंगी क्योंकि उन्होंने 40% कमीशन एकत्र किया है. बीजेपी का दावा है कि मैंने ओबीसी का अपमान किया है. पहली बात तो यह कि मैं कभी किसी का अपमान नहीं करूंगा. यदि हम भारत सरकार में सचिवों को देखें, तो केवल 7% दलित और ओबीसी समुदायों से हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि ओबीसी, दलित और आदिवासियों की आबादी कितनी है और उनका प्रतिशत क्या है.

'पीएम मोदी को ओबीसी का डेटा सार्वजनिक करना चाहिए'

राहुल ने कहा कि यूपीए ने 2011 में पूरे भारत में जाति आधारित जनगणना की. पीएम मोदी को ओबीसी की बात करनी चाहिए और फिर उस डेटा को सार्वजनिक करना चाहिए. लोगों को भारत में ओबीसी, दलित और एसटी का प्रतिशत पता चलेगा. पीएम मोदी को ओबीसी की बात करनी चाहिए और फिर उस डेटा को सार्वजनिक करना चाहिए. लोगों को भारत में ओबीसी, दलित और एसटी का प्रतिशत पता चलेगा. अगर मोदी जी ऐसा नहीं कर सकते तो यह ओबीसी का अपमान है. अगर वह ओबीसी की बात करते हैं तो उन्हें लोगों को बताना चाहिए कि ओबीसी का प्रतिशत क्या है.

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'पीएम जनगणना के आंकड़े क्यों नहीं जारी कर रहे?'

देश की जनता को समझाएं कि आपके सचिवों में सिर्फ 7% ओबीसी और दलित क्यों हैं. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए जनसंख्या आधारित आरक्षण लागू करें. आपकी सरकार ने जो 50% आरक्षण सीमा तय की है, उसे हटा दें और फिर हम ओबीसी के बारे में बात करेंगे. पीएम मोदी जनगणना के आंकड़े क्यों नहीं जारी कर रहे हैं? क्या वह भारत की आय को ओबीसी में बांटना नहीं चाहते हैं? इसलिए पीएम को जनगणना के आंकड़े जारी करने चाहिए, नहीं तो हम उन्हें चुनाव में हरा देंगे और खुद करेंगे.

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