
पश्चिम बंगाल के हुगली पुलिस ने रेलवे में नौकरी देने के बहाने ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. गिरोह के एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश की. फिर अदालत ने तीनों आरोपियों को 5 दिनों की पुलिस रिमांड में भेजने का निर्देश दिया है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.
जानकारी देते हुए हुगली ग्रामीण पुलिस के एसपी कामना शीश सेन ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम कोलकाता के यादवपुर की रहने वाली निरुपमा चक्रवर्ती, हुगली के गौ घाट के रहने वाले श्रीकांत चमड़े और शोभित मंडल हैं. यह तीनों लोग हुगली के पांडुआ थाना इलाके के खाननयान में एक घर में फर्जी ऑफिस बना रखा था. ये लोग रेलवे के माल गोदाम में अस्थाई नौकरी देने का झांसा देते थे.
बेरोजगार युवक-युवतियों को बनाता था शिकार
गिरोह के लोग खासकर उन लोगों को शिकार बनाते थे, जो युवक-युवतियां बेरोजगार होते थे. उनसे बाकायदा नौकरी के लिए फॉर्म फिल अप करवाया जाता था और साथ में माल गोदाम में अस्थाई नौकरी के फर्जी आईडी कार्ड भी देते थे. फिलहाल, गिरोह के एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि गिरोह में कितने और लोग शामिल हैं.
पीड़ितों ने सुनाई आपबीती
वहीं, पीड़ित युवक प्रीत गुप्ता ने बताया कि संदेह होने के बाद उन लोगों ने तत्काल इस घटना की खबर पुलिस को दी. पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो आरोपियों में एक महिला निरुपमा चक्रवर्ती ने पुलिस को बताया कि वह रविंद्र भारती ओपन यूनिवर्सिटी के लिए फॉर्म भरवा रही है. मगर, उनसे रेलवे में नौकरी देने के लिए फॉर्म भरवाया गया था और उनसे पैसा भी लिया गया था. एक और पीड़ित बाबुल हासदा ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने इस नौकरी के लिए पैसा दिए थे. उन्हें आई कार्ड भी उपलब्ध कराया गया था.