
विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी के भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए भारतीय रेलवे एक खुशखबरी लेकर आया है. भारतीय रेलवे विश्व प्रसिद्ध मंदिर को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने जा रहा है. रेल प्रशासन द्वारा रींगस जं.स्टेशन के निकट स्थित विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आस्था के केन्द्र खाटू श्याम जी को सीधे रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिये फाइनल लोकेशन सर्वेे की मंजूरी प्रदान कर दी गई है. इस निर्माण के बाद खाटू श्याम जी के भक्तों और श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के लोगों को काफी सहूलियत होगी.
गौरतलब है कि राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी के दर्शन हेतु प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न माध्यमों जैसे- रेल, रोड तथा पैदल मार्ग से दर्शन के लिए आते हैं. बताया जाता है कि यहां प्रतिदिन लगभग तीस हजार श्रद्धालु आते हैं. विशेषकर शुक्रवार, शनिवार एवं रविवार को यहां आने वाले श्रद्धालुओं की तादात चार से पांच लाख तक पहुंच जाती है. यही नहीं एकादशी के समय तो श्रद्धालुओं की संख्या दस लाख का आकड़ा पार कर लेती है.
उधर मार्च के महीने मे 15 दिन तक चलने वाले मेले में तकरीबन 30 लाख से 40 लाख श्रद्धालु आते हैं. बताया जाता है कि यह मंदिर देश मे सबसे ज्यादा श्रद्धालु आने वाले मंदिरों में से एक है. यहां ट्रेन से आने वाले श्रद्धालु रींगस जं.तक आते हैं उसके पश्चात वे यातायात के अन्य साधनों से खाटू श्याम जी मंदिर पहुंचते हैं.
रींगस जं. से खाटू श्याम तक का सफर सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे ने सांस्कृतिक धरोहर व धार्मिक आस्था के केंद्रों को जोड़ने की योजना के तहत रींगस जं. से खाटू श्याम जी तक नई रेल लाइन निर्माण हेतु फाइनल लोकेशन सर्वे की मंजूरी प्रदान की है.
इस बारे में पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हुए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शीघ्र ही पूरा करके इस नई रेल लाइन के काम को स्वीकृति प्रदान कर कार्य प्रारम्भ किया जाएगा. जिससे देश के सभी भागों से आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द से खाटू श्याम जी के मंदिर तक पहुंचने हेतु रेल सुविधा प्राप्त हो सके.
रेलवे द्वारा माननीय प्रधानमंत्री जी के मिशन विरासत और विकास के तहत धार्मिक स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है.