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राजस्थान: बोलते-बोलते भावुक हो गए विधानसभा अध्यक्ष, कांग्रेस नेता के बयान पर सुनाई खरी-खरी

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, "मैं तो छोटा सा कर्यकर्ता था, कॉलेज में पढ़ाता था और कल्पना नहीं किया था कि कभी यहां तक पहुंचूंगा. लेकिन मैं ऐसे शब्दों को सुनने के लिए आसन पर नहीं आया हूं."

वासुदेव देवनानी वासुदेव देवनानी
शरत कुमार
  • जयपुर,
  • 25 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

राजस्थान (Rajasthan) विधानसभा के अंदर सदन में आसान पर बैठे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी बोलते-बोलते भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलकने लगे. बता दें कि सोमवार को कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए कहा था कि क्या इनके बाप का सदन है, जूते की नोक पर विधानसभा चलाएंगे. इसके साथ ही वे विधानसभा अध्यक्ष के डायस पर चढ़ गए थे और कहा कि ये नाथूराम गोडसे की औलादें हैं.

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आज यानी मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा, "सहमति, असहमति पर विरोध होता है लेकिन सदन के लिए और अध्यक्ष के लिए आज जिन शब्दों का उपयोग हो रहा है, ऐसे वातावरण में कोई बात होना कितना उचित होगा."

उन्होंने आगे कहा, "मैं आप सबसे यही आग्रह करूंगा कि आप सब मेरे व्यक्तिगत नहीं बल्कि आसन का सम्मान करिए, जिससे यहां की परंपराएं जिंदा रहें." 

यह भी पढ़ें: राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का बड़ा प्रदर्शन, इंदिरा गांधी पर टिप्पणी से हैं नाराज

'ऐसे शब्द सुनने के लिए...'

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, "मैं तो छोटा सा कर्यकर्ता था, कॉलेज में पढ़ाता था और कल्पना नहीं किया था कि कभी यहां तक पहुंचूंगा. लेकिन मैं ऐसे शब्दों को सुनने के लिए आसन पर नहीं आया हूं. ये सब मैं आप लोगों पर छोड़ता हूं कि इस पर क्या किया जाए लेकिन इस पर कठोरतम विचार करने की जरूरत है."

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उन्होंने आगे कहा कि मैं आप सबसे इतना ही आग्रह करता हूं कि सदन की मर्यादा के प्रति कटिबद्ध रहें.

 

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