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राजस्थान: फर्जी पुलिस अफसर ने बुजुर्ग को किया डिजिटल अरेस्ट, खाते से उड़ाए ₹8 लाख

पीड़ित बुजुर्ग ने बताया है कि 15 नवंबर को वह अपने कमरे में बैठे थे, इसी दौरान दोपहर के वक्त मोबाइल पर एक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने खुद को पुलिस का बड़ा अफसर बताया और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने की जानकारी दी.

साइबर क्राइम साइबर क्राइम
शरत कुमार
  • जयपुर,
  • 24 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:47 AM IST

राजस्थान (Rajasthan) में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला राजधानी जयपुर से सामने आया है, जहां एक 72 साल के बुजुर्ग को 1 घंटे तक वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट कर साइबर अपराधी धमकाते रहे और करीब 8 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए. पुलिस ने इस पूरे मामले में FIR दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

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पूरे घटनाक्रम की लेकर जयपुर के बजाज नगर में रहने वाले बुजुर्ग ने इलाके के थाने में रिपोर्ट की है. बुजुर्ग ने बताया है कि 15 नवंबर को वह अपने कमरे में बैठे थे, इसी दौरान दोपहर के वक्त मोबाइल पर एक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने खुद को पुलिस का बड़ा अफसर बताया और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने की जानकारी दी.

जानकारी के मुताबिक, आरोपी कॉल पर युवक बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग में अरेस्ट करने के नाम की धमकी देकर डराता और धमकता रहा. करीब 1 घंटे भर तक लगातार वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से करीब 7 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए. पुलिस ने बुजुर्ग की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

यह भी पढ़ें: भारत में साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों पर नई रिपोर्ट

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जांच में जुटी पुलिस

पूरे मामले पर थानेदार ममता मीणा का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से करीब 8 लाख की ठगी की गई है. पुलिस ने बुजुर्ग की रिपोर्ट पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस कॉल करने वाले के मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट के बारे में पड़ताल कर रही हैं. प्रथमदृष्टया यही लग रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी केस में अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग को इतना बड़ा चूना लगाया गया है.

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