
गुजरात की राजकोट लोकसभा सीट से बीजेपी कैंडिडेट केंद्रीय मंत्री परशोत्तम रूपाला के खिलाफ क्षत्रिय समुदाय का लगातार विरोध जारी है. इस बीच जामनगर के राजवी परिवार के ‘जाम साहब’ ने क्षत्रिय समुदाय को पत्र लिखकर कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से एकता बनाए रखकर विरोध करें. हमारे विरुद्ध में जो कोई ऐसा कृत्य करे उसे राजपूत समुदाय मिलकर चुनाव में हराए. लोकतंत्र में यही अनुरूप सजा है.
जामनगर के राजवी परिवार के जाम साहब ने क्षत्रिय समुदाय को पत्र के माध्यम से कहा है कि, 'सीमा पार हो ऐसा अभी तक कुछ नहीं होना अच्छी बात है. कोई बुरा बोलकर हमारा अपमान करे तो उस बात को लेकर हमें खुद को सजा नहीं देनी चाहिए. गलत बात बोलने वाले को सजा मिले ऐसा करना चाहिए.'
केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला का विरोध करने वाली महिलाओं को जामनगर के राजवी परिवार की जाम साहब ने कहा कि, जिन बहनों ने हिम्मत दिखाई उनको मेरा धन्यवाद है, देश में लोकतंत्र है. एक वक्त था जब राजपूत राज करते थे उसकी वजह केवल हिम्मत थी ऐसा नहीं था लेकिन हमारी एकता भी महत्वपूर्ण थी. उस जमाने में राजपूत एक-दूसरे के लिए जान न्योछावर करने के लिए तैयार रहते थे, जबकि आज के जमाने में कई बार देखा जाता है कि राजपूत छोटी सी बात को लेकर एक दूसरे को मारने के लिए तैयार हो जाते हैं.'
उन्होंने कहा कि, अब वह वक्त आ गया है कि लोकतंत्र के समय में गैरकानूनी तरीके से नहीं, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से एकता दिखाते हुए विरोध किया जाए. राजपूत ने केवल हिम्मत से ही नहीं लेकिन एकता रखकर दिखा देना है कि भारत में अभी भी राजपूत मौजूद हैं. मेरा तमाम राजपूत से निवेदन है कि कोई ऐसा कृत्य न करें, जो असहनीय हो, उसके खिलाफ राजपूत इकट्ठा होकर उसे चुनाव में पराजित करें. यही लोकतंत्र के अनुरूप सजा कही जाएगी.'
बता दें कि, राजकोट लोकसभा सीट से बीजेपी कैंडिडेट केंद्रीय मंत्री परशोत्तम रूपाला ने रजवाड़ों को लेकर विवादास्पद बयान दिया था किसके बाद क्षत्रिय समुदाय लगातार बीजेपी से माग कर रहा है कि, रूपाला की उम्मीदवारी रद्द की जाए. क्षत्रिय समुदाय का विरोध बढ़ता देख अब तक तीन बार रूपाला माफी मांग चुके हैं, लेकिन क्षत्रिय समाज रूपाला को माफ करने के मूड में नहीं है. इस बीच रूपाला अपना चुनाव प्रचार जारी रखते हुए 16 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने की घोषणा कर चुके हैं.