
संसद के चालू शीतकालीन सत्र के पहले हफ्ते की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई है. कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सदस्य कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस देते हैं, लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति इनमें से किसी भी नोटिस को अनुमति नहीं देते और फिर विपक्ष हंगामा करता है. सदन की कार्यवाही पहले 11.30 या 12 बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा आसन की ओर से कर दी जाती है. पहले हफ्ते के पांच में से चार दिन दोनों सदनों में यही सेट पैटर्न रहा है.
अब इसे लेकर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्ष को आड़ेहाथों लिया है. सभापति ने शुक्रवार को सदन की कार्यवाही 2 दिसंबर, सोमवार को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा से पहले कहा कि हम एक बहुत ही खराब उदाहरण पेश कर रहे हैं. उन्होंने गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि हम इस देश के लोगों का अपमान कर रहे हैं. हम उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं. सभापति ने कहा कि हमारे कार्य जन-केंद्रित नहीं, ऐसे हैं जिन्हें जनता पूरी तरह से नापसंद करे.
उन्होंने कहा कि ये मुद्दे इस हफ्ते बार-बार उठाए गए. इसकी वजह से हमने पहले ही तीन कार्य दिवस खो दिए हैं. ये वो दिन थे जो हमें सार्वजनिक हित के लिए समर्पित करने चाहिए थे. सभापति ने कहा कि हमने जो शपथ ली है, उसका पालन करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए था. उन्होंने ये भी कहा कि नियम 267 को व्यवधान के एक उपकरण के रूप में हथियार बनाया जा रहा है. वहीं, लोकसभा में भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की.
यह भी पढ़ें: कनाडा में भारतीय डिप्लोमैट्स की हो रही ऑडियो-वीडियो निगरानी, निजी बातचीत भी सुनी जा रही, केंद्र ने संसद को बताया
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि देश की जनता चाहती है कि सदन चले. कई विद्वानों ने भी लिखा है कि संसद चलनी चाहिए, चर्चा-संवाद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सहमति-असहमति हमारे लोकतंत्र की ताकत है. आपसे आग्रह करता हूं कि जनता की भावनाओं और उनकी आशाओं-आकांक्षाओं के अनुसार आप सदन चलने में सहयोग करें. स्पीकर ने कहा कि आज महत्वपूर्ण विषय स्वास्थ्य और महिलाओं पर प्रश्नकाल में चर्चा हो रही है. प्रश्नकाल आपका समय है. देश की जनता लगातार सांसदों के बारे में, संसद के बारे में चिंता व्यक्त कर रही है. इसलिए आपसे आग्रह करता हूं कि सदन चलाने दें.
यह भी पढ़ें: '...सवाल ऐसे ही सुनना पड़ेगा', संसद में स्वास्थ्य राज्यमंत्री से क्यों बोले स्पीकर ओम बिरला
उन्होंने कहा कि सदन आपका है, सबका है और देश भी चाहता है कि संसद चले. स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीट पर जाने का आग्रह करते हुए कहा कि हर विषय, हर मुद्दे पर नियम-प्रक्रियाओं के तहत चर्चा करने का पर्याप्त अवसर दूंगा. स्पीकर की अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई.