
अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अनुष्ठान जारी है. सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि पीएम मोदी ने राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रीतिष्ठा के लिए जो 11 दिन का अनुष्ठान रखा है, उसमें वो जमीन पर कंबल बिछाकर कर सोते हैं और सिर्फ नारियल पानी ही पीते हैं. बता दें कि पीएम मोदी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लिए विशेष अनुष्ठान के लिए पूछा था, जिसका अब वह पालन कर रहे हैं
शास्त्रों के निर्देशानुसार नियम पालन कर रहे हैं पीएम मोदी
बता दें कि, शास्त्रों में देव प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा एक विषद और लंबी प्रक्रिया है. इसके लिए बहुत विस्तृत नियम बताए गए हैं. जिनका प्राण प्रतिष्ठा के कई दिन पहले से पालन करना होता है. एक रामभक्त के रूप में प्रधानमंत्री जी राममंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के प्रति एक आध्यात्मिक साधना के भाव से समर्पित हैं. उन्होंने तय किया कि अपनी तमाम व्यस्तताओं और जिम्मेदारियों के बावजूद वो प्राण प्रतिष्ठा के दिन और उसके पूर्व के सभी नियमों और तपश्चर्याओं को उतनी ही दृढ़ता के साथ पालन करेंगे, जैसा कि शास्त्रों में निर्देश दिया गया है.
11 दिवसीय यम-नियम का पालन किया शुरू
इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व 11 दिवसीय यम-नियम पालन का अनुष्ठान शुरू किया है. देव प्रतिष्ठा को पार्थिव मूर्ति में ईश्वरीय चेतना के संचार का अनुष्ठान बताया गया है. इसके लिए शास्त्रों में अनुष्ठान से पूर्व व्रत के नियमों का निर्देश दिया गया है. पीएम मोदी अपनी दैनिक दिनचर्या में ब्रह्ममुहूर्त जागरण, साधना और सात्विक आहार जैसे नियमों का पालन तो अनवरत ही करते हैं, लेकिन, प्राण प्रतिष्ठा के लिए पीएम मोदी ने सभी 11 दिवसीय अनुष्ठान के तौर पर कठोर तपश्चर्या के साथ व्रत लेने का निर्णय किया है.
अयोध्या सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर एसपीजी ने भी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए cisf के करीब 250 जवान और अधिकारियों को तैनात किया. यूपी एटीएस की 5 कमांडो टीम के साथ pac और CAPF की 10 से अधिक कंपनी तैनात की गई. अयोध्या रेलवे स्टेशन और पूरे रेलवे परिसर की सुरक्षा के लिए जीआरपी और RPf के 2000 से अधिक जवान तैनात किए गए. अयोध्या शहर में निगरानी के लिए 11000 से अधिक कैमरा को लगाया गया. अयोध्या के भीड़ भाड़ वाले इलाकों में AI based Face Recognition system को activate किया गया है. सरयू में pac की दो फ्लड कंपनी के साथ 12 मोटर boat से निगरानी हो रही है.