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कोविड में चली गई पिता की नौकरी तो बेटी ने Ratan Tata को घुमा दिया था फोन, फिर...

रतन टाटा का बुधवार देर रात निधन हो गया. वह पिछले कुछ दिनों से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लंबी बीमारी के चलते इलाज करा रहे थे. 86 वर्षीय टाटा का पार्थिव शरीर गुरुवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दक्षिण मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था. फिर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.

विकास त्यागी को रतन टाटा की वजह से नौकरी वापस मिल गई थी विकास त्यागी को रतन टाटा की वजह से नौकरी वापस मिल गई थी
मुस्तफा शेख
  • मुंबई,
  • 10 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 6:03 PM IST

कोरोना महामारी ने दुनियाभर में जो तबाही मचाई, उसे कोई भुला नहीं सकता. ये वो दौर भी था जब हजारों कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. 20 साल से टाटा ग्रुप के कर्मचारी विकास त्यागी भी उनमें से एक थे. लेकिन, रतन टाटा को उनकी छोटी बेटी द्वारा किए गए कॉल ने विकास को कंपनी में अपनी नौकरी वापस हासिल करने में मदद की.

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त्यागी, जो अब एक दूसरी कंपनी में कार्यरत हैं, ने बताया कि उनकी बेटी को अपने पिता की नौकरी वापस पाने में मदद करने के लिए रतन टाटा पर भरोसा था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें रतन टाटा का नंबर गूगल पर मिला.

त्यागी को जब रतन उद्योग जगत के दिग्गज के निधन की खबर मिली तो वो श्रद्धांजलि देने के लिए दक्षिण मुंबई के नरीमन पॉइंट में एनसीपीए लॉन पहुंचे. उन्होंने रतन टाटा को एक समझदार और सुलभ व्यक्ति बताया.

उन्होंने आजतक से बात करते हुए कहा, "मैं 20 साल से टाटा का कर्मचारी था. कोविड के दौरान मेरी नौकरी में कुछ समस्याएं थीं. मेरी सबसे छोटी बेटी ने मेरी स्थिति देखी और कहा कि रतन टाटा पर भरोसा किया जा सकता है. उसने गूगल पर उनका एसटीडी नंबर खोजा. जब उसने पहली बार कॉल किया तो कोई जवाब नहीं मिला. दूसरी बार प्रयास करने के बाद किसी ने उसे बताया कि वह (रतन टाटा) वापस कॉल करेंगे." 

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त्यागाी ने खुश होते हुए बताया, "उसके बाद वह (बेटी) मेरे पास आई और मुझसे कहा कि मुझे (रतन टाटा से) कॉल आएगा. रविवार की सुबह मुझे एक कॉल आया और उन्होंने (रतन टाटा) कहा कि विकास तुम मुझे बता सकते हो कि तुम्हें क्या समस्या है? तीन दिनों के बाद मुझे मेरी नौकरी वापस मिल गई. ये है टाटा." 

उन्होंने आगे कहा, "उनसे (रतन टाटा) संपर्क करना आसान था. मुझे भरोसा था कि जवाब मिलेगा. मैं दूसरी कंपनी में काम कर रहा हूं. लेकिन तब टाटा ने मुझे मेरी नौकरी वापस दे दी थी." 

बता दें कि रतन टाटा का बुधवार देर रात निधन हो गया. वह पिछले कुछ दिनों से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लंबी बीमारी के चलते इलाज करा रहे थे. 86 वर्षीय टाटा का पार्थिव शरीर गुरुवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दक्षिण मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था. फिर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. 

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