
देशभर में गुरुवार को विजयादशमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मौके पर जहां हिमाचल प्रदेश के मशहूर 'कुल्लू दशहरा उत्सव' में शामिल हुए. तो वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक दशहरा के मौके पर 'रावण दहन' के कार्यक्रम में शामिल हुए.
त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने दशहरा के दिन ही लंकाधिपति रावण पर विजय प्राप्त की थी. इसलिए दशहरे के मौके पर देशभर में लोग 'बुराई पर अच्छाई की जीत' के प्रतीक रूप में 'रावण दहन' करते हैं. रावण के पुतले के साथ अपनी बुराइयों को जलाते हैं और उससे होने वाले प्रकाश के रूप में अपने जीवन में अच्छाई को उतारते हैं.
दिल्ली से बिहार, लेह-लद्दाख तक रावण दहन
ऐसे में दिल्ली के लाल किला मैदान की मशहूर रामलीला में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहुंचे. उन्होंने रामलीला के मंच से तीर चलाकर रावण दहन किया. पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रसिद्ध गांधी मैदान में रावण दहन के कार्यक्रम में हिस्सा लिया.जबकि जम्मू-कश्मीर के जम्मू में दशहरा मैदान में दशहरे का उत्सव धूमधाम से मनाया गया. यहां गांधी नगर में दशहरा के अवसर पर रावण के पुतले का दहन किया गया. लद्दाख केन्द्र शासित प्रदेश के लेह में भी दशहरा की धूम रही.यहां के फेमस पोलो ग्राउंड में रावण दहन का कार्यक्रम हुआ. जबकि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड मं रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न हुआ.
लखनऊ में जला 'राष्ट्रद्रोह के नाश' का रावण
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस बार रावण को 'राष्ट्रद्रोह' का प्रतीक बनाकर उसके 'समूल नाश' का संकल्प बनाकर रावण दहन किया गया. यहां लखनऊ की सबसे पुरानी ऐशबाग रामलीला कमेटी ने रावण दहन की थीम इस बार ‘धार्मिक कट्टरता और राष्ट्रद्रोह' रखी थी. करीब 70 फुट ऊंचे रावण के पुतले पर ‘सर तन से जुदा, कट्टरता और राष्ट्रद्रोह का समूल नाश हो’ लिखा गया था. रामलीला समिति के लोगों ने कहा कि देश से हम इन बातों को खत्म करना चाहते हैं इसलिए ये थीम रखी गई है. वहीं मेघनाद और कुम्भकरण का पुतला नहीं जलाने का भी निर्णय किया.