
रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी प्रकाश मिश्रा को सोमवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन और जन शिकायत विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रकाश मिश्रा 2016 में नौकरी से रिटायर हुए थे. हाल ही में उनकी किताब 'कॉमेडी इन खाकी: द ह्यूमरस मेमॉयर ऑफ अ पुलिसमैन' ने सुर्खियां बटोरीं थीं. इस किताब में उन्होंने विपक्षी दल के एक वरिष्ठ राजनेता का अप्रत्यक्ष जिक्र किया है, जिससे ओडिशा में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है.
पटनायक सरकार में हुआ था विवाद
प्रकाश मिश्रा 2012 से 2014 के बीच ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में कार्यरत थे. इस दौरान उनकी मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद सरकार के साथ कुछ मतभेद हुए थे.
जुलाई 2014 में उन्हें पुलिस प्रमुख के पद से हटा दिया गया था और सितंबर 2014 में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. हालांकि, जून 2015 में हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज कर दिया था. साल 2019 में प्रकाश मिश्रा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए और कटक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी.
मधुसूदन पाधी बने राज्य निर्वाचन आयुक्त
इसके अलावा, ओडिशा सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मधुसूदन पाधी को राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया है. पाधी ने अक्टूबर 2022 में सरकारी सेवा से रिटायरमेंट ली थी.
पंचायती राज और पेयजल विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-के के तहत पाधी की नियुक्ति की गई है. वो 1983 बैच के आईएएस अधिकारी आदित्य प्रसाद पाधी का स्थान लेंगे, जिन्हें अगस्त 2019 में इस पद पर नियुक्त किया गया था.
मधुसूदन पाधी 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें लंबा प्रशासनिक अनुभव है. उनकी नियुक्ति को राज्य में चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.