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कोलकाता आरजी कर मामला: अनशन पर बैठे तीसरे डॉक्टर की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

कोलकाता में सरकारी आरजी कर अस्पताल में दो माह पहले महिला डॉक्टर से कथित दुष्कर्म एवं उसकी हत्या की घटना को लेकर आमरण अनशन कर रहे एक और जूनियर डॉक्टर की शनिवार शाम तबीयत बिगड़ जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

फाइल फोटो फाइल फोटो
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 3:49 AM IST

कोलकाता में सरकारी आरजी कर अस्पताल में दो माह पहले महिला डॉक्टर से कथित दुष्कर्म एवं उसकी हत्या की घटना को लेकर आमरण अनशन कर रहे एक और जूनियर डॉक्टर की शनिवार शाम तबीयत बिगड़ जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर बंगाल मेडिकल महाविद्यालय एवं अस्पताल के जूनियर डॉक्टर अनुस्तुप मुखर्जी आमरण अनशन पर बैठे लोगों में शामिल हैं और वह ऐसे तीसरे डॉक्टर हैं जिन्हें तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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एक डॉक्टर ने बताया कि अनशन स्थल पर उनके सहकर्मियों ने उनकी हालत को 'गंभीर' बताया जिसके बाद डॉक्टरों की एक टीम ने फैसला किया कि उनकी हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि इसके बाद मुखर्जी को अस्पताल ले जाया गया. उन्हें इलाज के लिए कोलकाता के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां वह पढ़ाई करते हैं.

डॉक्टर को सरकार को ठहराया जिम्मेदार
अनशन स्थल पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि उनके मल से खून निकल रहा था और उन्होंने पेट में काफी दर्द होने की शिकायत की थी. उन्होंने सरकार से उनकी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया और कहा कि राज्य सरकार अनशनकारी डॉक्टरों की हालत बिगड़ने के लिए 'जिम्मेदार' है.

इससे पहले दिन में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के जूनियर डॉक्टर आलोक वर्मा को भी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया. करीब तीन दिन पहले अनिकेत महतो को आर जी कर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. जूनियर डॉक्टरों ने पांच अक्टूबर को मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड क्षेत्र में अपना आमरण अनशन शुरू किया था.

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प्रदर्शनकारी डॉक्टर आर.जी. कर मेडिकल महाविद्यालय एवं अस्पताल की मृत महिला डॉक्टर के लिए न्याय और स्वास्थ्य सचिव एन.एस. निगम को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं. डॉक्टरों की अन्य मांगों में राज्य के सभी अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए केंद्रीकृत रेफरल सिस्टम की स्थापना, खाली बिस्तर निगरानी सिस्टम का कार्यान्वयन और कार्यस्थलों पर सीसीटीवी, 'ऑन-कॉल' रूम आदि सुनिश्चित करने के लिए कार्यबल का गठन शामिल है.

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