Advertisement

'इंसान को अहंकार से बचना होगा, वरना...', बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

भागवत ने यह भी कहा कि समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाना जरूरी है ताकि भारत का विकास हो सके. उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सेवा तक सीमित नहीं है. सेवा का उद्देश्य नागरिकों को सक्षम बनाना होना चाहिए, ताकि वे विकास में योगदान कर सकें.

RSS चीफ मोहन भागवत. RSS चीफ मोहन भागवत.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:38 AM IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इंसान को अहंकार से बचकर रहना चाहिए, वरना वह एक दिन जरूर नीचे गिर जाएगा. मोहन भागवत ने कहा कि निःस्वार्थ सेवा तब होती है जब व्यक्ति स्थायी खुशी और संतोष की पहचान कर लेता है और दूसरों की मदद करने की आदत को भी बढ़ाता है.

Advertisement

दरअसल, भागवत सोमवार को महाराष्ट्र के पुणे में भारत विकास परिषद के विकलांग केंद्र के रजत जयंती समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि समाज में यह धारणा बढ़ रही है कि सब कुछ गलत हो रहा है. हालांकि, हर नकारात्मक पहलू के लिए समाज में 40 गुना अधिक अच्छे और महान सेवा कार्य हो रहे हैं. इन सकारात्मक प्रयासों के बारे में जागरूकता फैलाना जरूरी.

हर वर्ग को सशक्त बनाना जरूरी

भागवत ने यह भी कहा कि समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाना जरूरी है ताकि भारत का विकास हो सके. उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सेवा तक सीमित नहीं है. सेवा का उद्देश्य नागरिकों को सक्षम बनाना होना चाहिए, ताकि वे विकास में योगदान कर सकें.

बता दें कि हाल ही  में मोहन भागवत ने जनसंख्या बढ़ोतरी की दर में गिरावट (प्रजनन दर) पर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि जब किसी समाज की जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 से नीचे गिर जाती है, तो वह समाज धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है. भागवत ने यह बयान एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने जनसंख्या नीति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की.

Advertisement

यह भी पढ़ें: मोहन भागवत ने यूं ही नहीं दी 'हम 2 हमारे 3' की सलाह, क्यों है समय की जरूरत । opinion

भागवत ने कहा, "आधुनिक जनसंख्या विज्ञान कहता है कि जब किसी समाज की जनसंख्या (प्रजनन दर) 2.1 से नीचे चली जाती है, तो वह समाज दुनिया से नष्ट हो जाता है. वह समाज तब भी नष्ट हो जाता है जब कोई संकट नहीं होता है. इस तरह से कई भाषाएं और समाज नष्ट हो गए हैं. जनसंख्या 2.1 से नीचे नहीं जानी चाहिए." उन्होंने यह भी कहा कि 2.1 की जनसंख्या वृद्धि दर बनाए रखने के लिए समाज को दो से अधिक बच्चों की आवश्यकता है, इस तरह उन्होंने तीन बच्चों की जरूरत पर जोर दिया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement