Advertisement

'मुश्किल दौर से गुजर रहे चीन से रिश्ते', ऐसे में रूस-यूक्रेन तनाव भारत को कितना करेगा प्रभावित?

भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए रूस पर निर्भर है. भारत अपने आधे हथियार रूस से खरीदता है. अगर यूक्रेन के साथ जंग होती है और अमेरिका रूस पर प्रतिबंध लगाता है तो इससे भारत के रक्षा आयात पर भी असर पड़ सकता है.

रूस-यूक्रेन में जंग भारत की मुसीबत भी बढ़ाएगी. (फाइल फोटो-PTI) रूस-यूक्रेन में जंग भारत की मुसीबत भी बढ़ाएगी. (फाइल फोटो-PTI)
Priyank Dwivedi
  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:12 AM IST
  • रूस से 49% हथियार खरीदता है भारत
  • हथियार खरीदने में दूसरे नंबर पर भारत
  • जंग हुई तो भारत के रक्षा आयात पर असर

दुनियाभर में इस समय उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है. रूस और यूक्रेन में जारी तनाव के बीच बड़े युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. रूस ने यूक्रेन के दो स्वघोषित गणराज्यों को अलग देश की मान्यता दे दी है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का कहना है कि रूस दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप को सबसे बड़ी जंग की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन पर कभी भी रूसी हमले की आशंका जताई है. 

Advertisement

इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जर्मनी में हुए म्युनिक सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में माना है कि इस समय भारत और चीन के रिश्ते बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 45 साल तक शांति का माहौल था, लेकिन अब चीन सीमा समझौतों का लगातार उल्लंघन कर रहा है. ऐसे में सीमा पर कैसी स्थिति रहती है, इसी पर हमारे रिश्ते भी निर्भर करते हैं.

एक ओर सीमा पर चीन का जिस तरह रवैया है, उसे देखते हुए रूस और यूक्रेन का तनाव भारत के लिए भी खतरनाक है. वो इसलिए क्योंकि भारत सबसे ज्यादा रक्षा हथियार रूस से खरीदता है. अमेरिका पहले ही चेता चुका था कि अगर यूक्रेन पर हमला होता है तो रूस पर कई सारे प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे, अब जबकि पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन के दो क्षेत्रों को अलग देश की मान्यता दे दी है तो अमेरिका ने भी एक्शन लेना शुरू कर दिया है. यूके समेत बाकी देश भी प्रतिबंध लगा रहे हैं. रूस के खिलाफ इस तरह के एक्शन से होने वाला भारत का रक्षा आयात भी प्रभावित हो सकता है.

Advertisement

ये भी पढ़ें-- Russia-Ukraine Conflict: रूस-यूक्रेन विवाद की जड़ क्या? कभी साथ रहे देश आज जंग की कगार पर, जानें 30 साल में कैसे बदले हालात?

डिफेंस सेक्टर में भारत की निर्भरता रूस पर ज्यादा

डिफेंस सेक्टर में भारत अभी सबसे ज्यादा निर्भर रूस पर है. स्वीडिश संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के मुताबिक, भारत 49% हथियार रूस से आयात करता है. यानी, भारत के पास आधी मिलिट्री सप्लाई रूस से ही आती है. 

SIPRI की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में सबसे ज्यादा रक्षा हथियार खरीदने वाले देशों में भारत दूसरे नंबर पर है. पहले नंबर पर 11 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सऊदी अरब पहले नंबर पर है. भारत ने रूस के साथ S-400 मिसाइल सिस्टम और AK-203 असॉल्ट राइफल के लिए भी रूस से डील की है. 

ये भी पढ़ें-- Ukraine Russia dispute: यूक्रेन की सीमाओं पर घेरा, सैटेलाइट में दिखा रूस का मूवमेंट, आगे बढ़ रही सेना और तोपें

भारत के लिए क्यों बन सकती है मुसीबत?

तनाव के बीच अभी अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी समेत ज्यादातर पश्चिमी देश यूक्रेन का साथ दे रहे हैं. रूस एक तरह से फिलहाल अलग-थलग दिख रहा है. ऐसे में उसे भी साथियों की जरूरत है. ऐसे में भारत के लिए किसका साथ दे वाली स्थिति बन सकती है. क्योंकि रूस के साथ गया तो अमेरिका और ब्रिटेन जैसे संबंधों पर असर पड़ सकता है और अगर यूक्रेन के साथ गया तो रूस से रिश्ते बिगड़ सकते हैं.

Advertisement

भारत के साथ चिंता की एक बात ये भी है कि रूस की तरह ही चीन भी नहीं चाहता की यूक्रेन NATO में शामिल हो. अगर जंग जैसे हालात बनते हैं तो चीन के रूस के साथ जाने की पूरी संभावना है. वहीं, अगर अमेरिका रूस पर प्रतिबंध लगाता है तो चीन रूस का साथ दे सकता है. ऐसे में रूस और चीन के बीच नजदीकियां बढ़ जाएंगी जो भारत के लिए ठीक नहीं होगा. 

अगर जंग हुई और रूस पर प्रतिबंध लगे तो डिफेंस डील भी प्रभावित होगी. ऐसे में भारत के डिफेंस सेक्टर पर असर पड़ेगा. और चीन के साथ जारी तनाव के बीच ऐसी स्थिति भारत के लिए मुश्किल बढ़ा सकती है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement