Advertisement

Saira Bano: उत्तराखंड महिला आयोग की उपाध्यक्ष बनीं सायरा बानो, तीन तलाक के खिलाफ खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

सायरा बानो उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के काशीपुर की रहने वाली हैं. उन्होंने तीन तलाक के खिलाफ कानूनी जंग लड़ी थी. तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके हक में आया था. 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ सायरा बानो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ सायरा बानो
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 8:27 AM IST

उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार ने सायरा बानो को उत्तराखंड महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. सायरा ने तीन तलाक के खिलाफ 2016 में सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद वह चर्चा में आई थीं. 

सायरा बानो उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के काशीपुर की रहने वाली हैं. उन्होंने तीन तलाक के खिलाफ कानूनी जंग लड़ी थी. तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके हक में आया था. 

Advertisement

बता दें कि फरवरी 2016 में काशीपुर की रहने वाली सायरा बानो ने तीन तलाक पर बैन लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सायरा की शादी 2002 में इलाहाबाद के एक शख्स के साथ हुई थी. सायरा ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. सायरा के शौहर ने उन्हें टेलीग्राम के जरिए तलाकनामा भेजा था. 

सायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके ट्रिपल तलाक के साथ ही निकाह हलाला के चलन की संवैधानिकता को चुनौती दी थी. याचिका में उन्होंने मुस्लिमों में प्रचलित बहुविवाह प्रथा को भी गलत करार देते हुए इसे खत्म करने की मांग उठाई थी. सायरा का तर्क था कि तीन तलाक संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

वह 20 में बीजेपी में शामिल हो गई थीं. बीजेपी में शामिल होने पर सायरा बानो ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों से प्रेरित होकर वो पार्टी में शामिल हुईं हैं. वो महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेंगी. बता दें कि तीन तलाक के मुद्दे पर 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement