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'पप्पू नहीं हैं राहुल गांधी, वह स्ट्रैटेजिस्ट और बहुत पढ़े-लिखे हैं...', बोले सैम पित्रोदा

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने कहा कि राहुल गांधी बहुत पढ़े-लिखे और समझदार शख्स हैं. बीजेपी उनके बारे में बीते दस सालों से जो कह रही है, उसके बजाए मुझे राहुल पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि भारत को जुमले की नहीं बल्कि मॉर्डन सोच और युवा नेताओं की जरूरत है. 

सैम पित्रोदा सैम पित्रोदा
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

लंबे समय से गांधी परिवार के सलाहकार रहे और इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने एक बार फिर राहुल गांधी की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का एजेंडा बड़े मुद्दों को सुलझाने का है. उनके पास ऐसा विजन है, जिसके लिए बीजेपी करोड़ों रुपये खर्च करती है.

पित्रोदा ने टेक्सास में  कहा कि मैं आपको बता दूं कि वह पप्पू नहीं हैं बल्कि बहुत पढ़े-लिखे हैं. वह स्ट्रैटेजिस्ट है, जिनका किसी भी विषय पर गहन अध्ययन है. 

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वह बहुत पढ़े-लिखे और समझदार शख्स हैं. बीजेपी उनके बारे में बीते दस सालों से जो कह रही है, उसके बजाए मुझे राहुल पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि भारत को जुमले की नहीं बल्कि मॉर्डन सोच और युवा नेताओं की जरूरत है. 

बता दें कि राहुल गांधी अमेरिका के तीन दिनों के दौरे पर हैं. उन्होंने अपनी अमेरिकी यात्रा के पहले दिन आठ सितंबर को डलास में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के छात्रों और शिक्षाविदों से बातचीत की. इसी से जुड़े एक कार्यक्रम में सैम पित्रोदा ने भारत को लेकर राहुल गांधी के विजन पर बात की. 

पिता राजीव की तुलना में राहुल अधिक बुद्धिजीवी

इससे पहले सैम पित्रोदा ने कहा था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने पिता राजीव गांधी की तुलना में अधिक बुद्धिजीवी और रणनीतिकार हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि राहुल गांधी में भविष्य का प्रधानमंत्री बनने के सभी गुण हैं.

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उन्होंने साथ ही बीजेपी की उन टिप्पणियों को झूठा भी बताया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं पर देश का नाम खराब करते हैं.

राजीव गांधी और राहुल गांधी के बीच समानताओं और भिन्नताओं के बारे में पूछे जाने पर पित्रोदा ने कहा Le कि उन्होंने कई प्रधानमंत्रियों के साथ बहुत करीब से काम किया है, जैसे राजीव गांधी, पीवी नरसिम्हा राव, मनमोहन सिंह, वीपी सिंह, चंद्रशेखर और एचडी देवगौड़ा. लेकिन राहुल और राजीव के बीच अंतर यह हो सकता है कि राहुल अधिक बुद्धिजीवी और विचारक हैं, जबकि राजीव थोड़े अधिक कार्यकर्ता थे. दोनों के पास एक ही डीएनए है. वे सच में एक बेहतर भारत का निर्माण करने में विश्वास करते हैं.

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