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'बिना तथ्य के आदेश नहीं देती है कोर्ट', मस्जिद के सर्वे पर बोले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "अगर मस्जिद को लेकर किए जा रहे दावे सिर्फ भ्रम हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं. लेकिन अगर कोई सच्चाई है, तो सामने आनी चाहिए. जो भी दावे कर रहे हैं, उनको तथ्य रखना होगा."

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:56 AM IST

पिछले कुछ दिनों से संभल की जामा मस्जिद विवादों के घेरे में है. कोर्ट में याचिका दायर किए जाने के बाद एएसआई को मस्जिद का सर्वे करने का निर्देश मिला. इसके बाद अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर भी कुछ दावे किए गए हैं. हाल के दिनों में सामने आ रहे इस तरह के तमाम दावों और सर्वे के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का बयान आया है. 

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चिराग पासवान ने कहा, "जहां-जहां से जानकारी आ रही है, वहां-वहां से तथ्य सामने आ रहे है. तथ्यों को देखकर आदेश दिए गए. अगर कोई झूठा भ्रम फैला रहा होगा, तो इस मुद्दे को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. कोई कोर्ट बिना तथ्य के आदेश नहीं देता है."

उन्होंने आगे कहा कि इसको धर्म से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. अगर सिर्फ भ्रम है, तो घबराने की जरूरत नहीं. लेकिन अगर कोई सच्चाई है, तो सामने आनी चाहिए. जो भी दावे कर रहे हैं, उनको तथ्य रखना होगा.

शाही जामा मस्जिद पर क्या है विवाद?

संभल में मुगल बादशाह बाबर के दौर में बनी जामा मस्जिद पर इस बात को लेकर विवाद है कि यहां पहले 'हरि हर मंदिर' था. इसको लेकर हिंदू पक्ष की तरफ से एक वकील ने कोर्ट सर्वे की मांग के साथ स्थानीय कोर्ट में याचिका दायर की थी. बाद में कोर्ट ने सर्वे का आदेश जारी किया, जिसको लेकर इलाके में तनाव पैदा हो गया और मुस्लिम समाज ने इसका विरोध किया.

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यह भी पढ़ें: संभल जामा मस्जिद सर्वे पर हिंदू पक्षकार विष्णु शंकर जैन का एक्सक्लूसिव एंटरव्यू

जब सर्वे के लिए पहुंची आर्कियोलॉजिकल टीम

मसलन, चंदौसी कोर्ट के आदेश के बाद आर्कियोलॉजिकल सर्वे की एक टीम सर्वे के लिए 24 दिसंबर को भी शाही मस्जिद का दौरा किया था. हालांकि, इस दौरान कहा जाता है कि मुस्लिम समाज ने विरोध किया. इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प हो गई. 

(इनपुट- सुजीत गुप्ता)

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