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SC पहुंचा सनातन विवाद, उदयनिधि स्टालिन समेत DMK के अन्य नेताओं पर FIR की मांग

तमिलनाडु के सीएम स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन की तुलना डेंगू मलेरिया से की थी. उदयनिधि के बाद डीएमके के तमाम नेताओं ने सनातन को लेकर इस तरह की बयानबाजी की है. अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उदयनिधि और डीएमके के बाकी नेताओं पर कार्रवाई का आदेश देने की मांग की गई है.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सनातन पर विवादित बयान का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सनातन पर विवादित बयान का मामला
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

सनातन धर्म पर विवादास्पद बयान का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. याचिका में तमिलनाडु के सीएम स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन और सनातन पर बयान देने वाले डीएमके के अन्य नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज कर समुचित कानूनी कार्रवाई करने का आदेश देने की मांग की गई है. 

मद्रास हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल की है. याचिका में स्टालिन को सनातन पर आगे कोई टिप्पणी न करने का निर्देश देने और सनातन धर्म के खिलाफ सभी बैठकों पर रोक लगाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि छात्रों को एक धर्म के खिलाफ बोलने के लिए कॉलेजों में बैठकें आयोजित करने की सभी प्रस्तावित योजना पर रोक लगाई जाए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तुरंत सुनवाई से इनकार किया है. CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पहले जल्द सुनवाई के लिए ई मेल करें, तब इसे हम देखेंगे. 

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क्यों हो रहा सनातन पर विवाद?

ये पूरा सियासी बवाल उदयनिधि के बयान से शुरू हुआ. उदयनिधि पिछले दिनों सनातन उन्मूलन सम्मेलन शामिल होने पहुंचे थे. यहां उन्होंने कहा था, सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है. कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही कर देना चाहिए. हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते. हमें इसे मिटाना है. इसी तरह हमें सनातन को भी मिटाना है. 

उदयनिधि के बाद उनकी पार्टी के सांसद ए राजा उनसे भी एक कदम आगे निकले. उन्होंने कहा, सनातन पर उदयनिधि का रुख नरम था. उन्होंने कहा, सनातन धर्म की तुलना सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए. जबकि उदयनिधि ने सनातन की तुलना मलेरिया से की है. ए राजा ने कहा, सनातन की तुलना एचआईवी और कुष्ठ रोग जैसे सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए
 
तमिलनाडु सरकार में DMK मंत्री पोनमुडी का नया बयान सामने आया है. ये उत्तर भारत में INDIA गठबंधन की मुसीबत बढ़ा सकता है. दरअसल, पोनमुडी ने 'इंडिया' गठबंधन को सनातन विरोधी बताते हुए कहा कि इसका गठन ही समानता की स्थापना, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, पुरुषों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ है. उन्होंने कहा, गठबंधन इंडिया बाकी बातों पर तो मतभेद हो सकता है लेकिन सनातन विरोध पर कोई मतभेद नहीं है. 

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बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन को घेरा
 
उदयनिधि के बयान पर बीजेपी लगातार कांग्रेस और 'INDIA' गठबंधन पर निशाना साध रही है और सनातन विरोधी बता रही है. पीएम मोदी ने भी पिछले दिनों सनातन विरोधियों से अच्छे से निपटने (तथ्यात्मक तौर पर) की सलाह दी थी. इसके बाद से बीजेपी नेता लगातार इंडिया गठबंधन को घेर रहे हैं. पीएम मोदी ने एमपी के बीना से जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि घमंडिया गठबंधन की नीति सनातन को तहस नहस करने की है. 

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