
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का 79 साल की उम्र में दुबई में निधन हो गया. परवेज मुशर्रफ को भारत-पाक करगिल युद्ध का मेन विलेन माना जाता है. उस वक्त परवेज मुशर्रफ ही पाकिस्तान के आर्मी चीफ थे. मुशर्रफ के निधन के बाद भारत में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने उन्हें एक वक्त का शांति दूत कहकर संबोधित किया. थरूर के इस ट्वीट के बाद भारत में राजनीति गरमा गई है.
थरूर के ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. पूनावाला ने थरूर और कांग्रेस को पाक हितैशी बताया. शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया परवेज मुशर्रफ करगिल युद्ध के आर्किटेक्ट, तानाशाह, जघन्य अपराधों के आरोपी थे. उन्होंने तालिबान और ओसामा को 'भाई' और 'नायक' माना. जिन्होंने अपने ही मृत सैनिकों के शवों को वापस लेने से इनकार कर दिया, कांग्रेस द्वारा उनका स्वागत किया जा रहा है! आश्चर्य हो रहा है? फिर, कांग्रेस की पाक परस्ती सामने आई है.
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
शहजाद पूनावाला ने लिखा एक जमाने में मुशर्रफ ने राहुल गांधी की सज्जन व्यक्ति के तौर पर तारीफ की थी, शायद यही मुशर्रफ कांग्रेस को प्रिय हैं. धारा 370 से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक बालाकोट पर संदेह करने वाली कांग्रेस ने पाक की जुबानी बोली और मुशर्रफ की जयकार की. शहजाद पूनावाला ने आगे लिखा कि यही कांग्रेस है जिसे मुशर्रफ और पाक तो पसंद हैं, लेकिन अपने ही देश के प्रमुख को सड़क का गुंडा कहा.
थरूर के इस बयान पर आपत्ति
दरअसल, शशि थरूर ने ट्वीट किया, पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का दुर्लभ बीमारी से निधन हो गया. वो एक बार भारत के एक कट्टर दुश्मन रहे, लेकिन वही मुशर्रफ 2002-2007 के बीच में शांति के लिए एक वास्तविक ताकत बनकर उभरे. शशि थरूर ने आगे लिखा, मैं उन दिनों संयुक्त राष्ट्र में हर साल उनसे मिला और उन्हें अपनी रणनीतिक सोच में स्मार्ट, आकर्षक और स्पष्ट पाया.
महबूबा मुफ्ती ने भी व्यक्ति किया दुख
थरूर के अलावा PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी परवेज मुशर्रफ के निधन पर दुख व्यक्त किया और मुशर्रफ के बारे में लिखा कि उन्होंने कश्मीर मुद्दे को संबोधित करने की कोशिश की.
कश्मीर के मुद्दे को लेकर मुफ्ती ने कही ये बात
उन्होंने ट्वीट कर लिखा दिल से संवेदना. शायद एकमात्र पाकिस्तानी जनरल जिसने वास्तव में कश्मीर मुद्दे को संबोधित करने की कोशिश की. वह जम्मू-कश्मीर के लोगों की इच्छा के अनुसार और भारत और पाकिस्तान को स्वीकार्य समाधान चाहते थे. हालांकि भारत सरकार ने उनके और वाजपेयी जी द्वारा शुरू किए गए सभी सीबीएम को उलट दिया है, फिर भी संघर्ष विराम बना हुआ है.