
कर्नाटक के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल में फंसे सांसद प्रज्वल रेवन्ना (33 साल) अब ज्यादा दिनों तक कानून के शिकंजे से दूर नहीं भाग पाएंगे. विशेष जांच दल प्रज्वल के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रहा है और ताबड़तोड़ एक्शन ले रहा है. उनके घर के बाहर एक नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है. इस बीच, प्रज्वल के चाचा और जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने दावा किया कि वीडियो लीक करने वाला ड्राइवर मलेशिया पहुंच गया है. उन्होंने पूछा- वो वहां कैसे पहुंचा और क्या कर रहा है?
बता दें कि प्रज्वल पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा के बड़े बेटे एचडी रेवन्ना के पुत्र हैं. प्रज्वल 6 दिन पहले यानी 27 अप्रैल को बेंगलुरु से जर्मनी के फ्रैंकफर्ट सिटी भाग गया था. उस पर अगले दिन 28 अप्रैल को हासन जिले के होलेनरासीपुर थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी. प्रज्वल से जुड़े कथित यौन शोषण के वीडियो सोशल मीडिया में 24 अप्रैल से वायरल हो रहे थे. JDS विधायक एचडी रेवन्ना और उनके बेटे प्रज्वल के खिलाफ उनकी घरेलू सहायिका ने शिकायत की थी. पीड़ित महिला ने यह भी आरोप लगाया कि प्रज्वल उनकी बेटी को भी वीडियो कॉल करता था और अश्लील हरकतें करता था, जिसके बाद उसका नंबर ब्लॉक करने के लिए मजबूर होना पड़ा. आरोप है कि महिलाओं से यौन शोषण के 2500 से ज्यादा वीडियो वायरल हो रहे हैं. इनमें प्रज्वल यौन शोषण कर रहे हैं.
ड्राइवर कार्तिक मलेशिया में क्या कर रहा है?
वहीं, जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है और 420 कहकर तंज कसा है. कुमारस्वामी ने दावा किया कि ड्राइवर कार्तिक ने वीडियो लीक किया और वो इस समय मलेशिया में है. कार्तिक ने पेनड्राइव देवराज गौड़ा को दे दी थी. ये 420 लोग (कांग्रेस) कह रहे हैं कि कुमारस्वामी ने ये वीडियो जारी किए. कुमारस्वामी ने पूछा- कार्तिक कहां है? वो मलेशिया में है. उसे मलेशिया किसने भेजा? उसने वहां से वीडियो रिकॉर्ड कर भेजे. वे मुझे उकसाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मुझे पता है कि इसका जवाब कैसे देना है. मैं ये सब काफी समय से देख रहा हूं. सबसे पहले यह पता करें कि वो इस समय कहां है.
सिद्धारमैया ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
राज्य महिला आयोग की शिकायत पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने सीआईडी के एडीजी बीके सिंह के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है. बुधवार को सीएम सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा और प्रज्वल को रायनयिक पासपोर्ट रद्द करने की मांग की है. सिद्धारमैया ने बुधवार को कहा कि प्रज्वल रेवन्ना ने विदेश यात्रा के लिए अपने राजनयिक पासपोर्ट का इस्तेमाल किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे रद्द करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया. पीएम मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने फरार संसद सदस्य की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के राजनयिक और पुलिस चैनलों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसियों का उपयोग करने का आग्रह किया है.
यह भी पढ़ें: जर्मनी से भारत लौट सकता है प्रज्वल रेवन्ना, अश्लील सीडी केस में है फरार
प्रज्वल ने पेश होने के लिए मांगा वक्त
प्रज्वल लोकसभा चुनाव में दूसरी बार हासन सीट से जेडीएस-बीजेपी का संयुक्त उम्मीदवार है. हासन सीट पर 26 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग हो गई है, जिसके बाद प्रज्वल ने देश छोड़ दिया. एसआईटी ने मंगलवार को प्रज्वल और उनके पिता एचडी रेवन्ना को नोटिस जारी किया और एसआईटी के सामने पेश होने को कहा. बुधवार को पहली बार प्रज्वल की प्रतिक्रिया आई. उसने कहा, सच्चाई की जीत होगी. प्रज्वल ने कहा, मैं जांच में शामिल होने के लिए बेंगलुरु में नहीं हूं. वकील के जरिए सीआईडी बेंगलुरु को बता दिया है. जल्द ही सच्चाई सामने आएगी. उसने मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश होने के लिए सात दिन का वक्त मांगा है. वहीं, एचडी रेवन्ना ने कहा, मुझे नोटिस की जानकारी नहीं है. हालांकि, एसआईटी ने हमारे घर पर नोटिस चस्पा किया है. हम जांच में हर तरह से सहयोग करेंगे.
पेश होने के लिए एसआईटी से मांगा 7 दिन का समय
प्रज्वल ने अपने वकील अरुण ने एसआईटी के पुलिस उपाधीक्षक को एक पत्र लिखा है और प्रज्वल के विदेश में होने की वजह से जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए सात दिन का समय मांगा है. उन्होंने कहा, मेरे मुवक्किल प्रज्वल रेवन्ना बेंगलुरु के बाहर यात्रा पर हैं और उन्होंने उन्हें नोटिस के बारे में बताया गया है. मेरे मुवक्किल को बेंगलुरु आने और एसआईटी के सामने पेश होने के लिए सात दिनों की जरूरत है. पत्रकारों से बातचीत में वकील अरुण ने कहा, एसआईटी की ओर से सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत नोटिस जारी किया गया था, इसमें तत्काल जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था. उन्होंने कहा, हमने प्रज्वल रेवन्ना के घर पर चिपकाए गए नोटिस पर एसआईटी के जांच अधिकारी को पत्र सौंपा है, जिसमें उनके मुवक्किल को उनके सामने पेश होने के लिए सात दिन का समय मांगा है.
यह भी पढ़ें: 'बेंगलुरु में नहीं हूं...', पूछताछ के नोटिस पर यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रज्वल रेवन्ना का पहला बयान
प्रज्वल के वकील ने कहा, हमारे पत्र पर उन्होंने (एसआईटी) अभी तक जवाब नहीं दिया है. मैं आश्वस्त हूं कि वे एडजस्ट करेंगे. उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रज्वल कब सामने आएंगे. उन्होंने कहा, मैंने बस वही बताया, जो मुझसे करने के लिए कहा गया था. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो एसआईटी के सामने पेश होंगे तो उन्होंने कहा, क्या यह स्पष्ट नहीं है?
'हम जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं'
वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, यहां तक कि प्रज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना ने भी कहा है कि वो जांच में पूरा सहयोग देंगे. एसआईटी अधिकारी आरोपी को उनके सामने पेश होने के लिए सात दिन का समय देने पर चुप्पी साधे रहे.
प्रज्वल 15 मई को वापसी के लिए फ्लाइट पकड़ेंगे
सूत्रों का कहना है कि प्रज्वल जर्मनी से 15 मई को भारत वापसी के लिए फ्लाइट पकड़ेंगे. इंडिया टुडे को उनके टिकट के बारे में जानकारी हासिल हुई. टिकट डिटेल से पता चला है कि वो 15 मई को लुफ्थांसा एयरलाइन की उड़ान से जर्मनी के म्यूनिख सिटी से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरेंगे और अगले दिन 12:30 बजे लैंड करेंगे.
जेडीएस ने प्रज्वल को पार्टी से निकाला
मामले में आईपीसी की धारा 354ए (यौन शोषण), 354डी (पीछा करना), 506 (धमकी) और 509 (महिला की गरिमा का अपमान) के तहत FIR दर्ज की गई है. जेडीएस ने मंगलवार को प्रज्वल को जांच होने तक पार्टी से सस्पेंड कर दिया है और कहा, अगर वो दोषी पाए गए तो उन्हें निष्कासित कर दिया जाएगा. प्रज्वल के कथित वायरल वीडियो से पार्टी और उसके नेतृत्व को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है.
कांग्रेस ने एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों की?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, कल मुझे जो जानकारी मिली, उसके मुताबिक ये वीडियो 6 महीने या सालभर पुराने नहीं, बल्कि 2018 के वीडियो हैं. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने प्रज्वल के लिए प्रचार किया था, जब कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन में थे. आपको जवाब देना होगा कि आपने एफआईआर में इतनी देरी क्यों की? यह 100 प्रतिशत सिर्फ बेवकूफ बनाना और केंद्र को दोष देना है. 28 अप्रैल को सभी अखबारों में खबर छपने के बावजूद आपने एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की या उसे हिरासत में क्यों नहीं लिया? यह फिर से वोटबैंक की राजनीति है. कांग्रेस को डर है कि पोते की वजह से एचडी देवेगौड़ा का क्या होगा तो अब सिर्फ केंद्र को दोष दे रहे हैं.