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उदयपुर में हालात अब भी तनावपूर्ण, सिटी पैलेस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात

राजस्थान के उदयपुर के मेवाड़ राजपरिवार का प्रॉपर्टी विवाद अब गहराता ही जा रहा है. सोमवार को सिटी पैलेस के बाहर हुई पत्थरबाजी और हंगामे के बाद मंगलवार को भी स्थिति तनावपूर्ण रही. मंगलवार को उदयपुर सिटी पैलेस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. दुकानें बंद रहीं और लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं थी.

उदयपुर में सिटी पैलेस के बाहर हंगामा. उदयपुर में सिटी पैलेस के बाहर हंगामा.
देव अंकुर
  • नई दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:54 PM IST

राजस्थान के उदयपुर के मेवाड़ राजपरिवार का प्रॉपर्टी विवाद अब गहराता ही जा रहा है. सोमवार को सिटी पैलेस के बाहर हुई पत्थरबाजी  और हंगामे के बाद मंगलवार को भी स्थिति तनावपूर्ण रही. मंगलवार को उदयपुर सिटी पैलेस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. दुकानें बंद रहीं और लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं थी.

उदयपुर जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल ने कहा, 'हमने मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं. दोनों पक्षों से बात करके हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे.' वहीं, आजतक से बात करते हुए विश्वराज सिंह ने कहा कि नियमों के अनुसार, मैं पूर्व शाही परिवार की विरासत का असली उत्तराधिकारी हूं. पथराव दूसरी तरफ से शुरू हुआ था. मैं इस मामले में उदयपुर जिला कलेक्टर की भूमिका से नाखुश हूं.'

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अब जानिए क्या है पूरा मामला

बात यहां तक बिगड़ गई कि सिटी पैलेस के बाहर पथराव हो गया. दरअसल, बीजेपी विधायक विश्वराज सिंह और उनके समर्थकों को सिटी पैलेस में प्रवेश करने से रोक दिया गया. इसके बाद जमकर हंगामा हुआ. दोनों पक्षों में झड़प हुई, इसमें तीन लोग घायल हो गए. सिटी पैलेस का मैनेजमेंट उनके चचेरे भाई लक्ष्यराज सिंह और चाचा अरविंद सिंह मेवाड़ करते हैं.

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद सोमवार (25 नवंबर) की सुबह चित्तौड़गढ़ किले में विश्वराज सिंह को पूर्व राजपरिवार के मुखिया के रूप में नियुक्त किया गया. उन्हें गद्दी पर बैठाने की परंपरा निभाई गई. इस रस्म को पगड़ी दस्तूर कहा जाता है, ये रस्म चित्तौड़गढ़ के 'फतह प्रकाश महल' में पूरी की गई. इस दौरान खून से उनका तिलक किया गया. साथ ही 21 तोपों की सलामी भी दी गई.

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यह भी पढ़ें: उदयपुर की रॉयल फैमिली की लड़ाई सड़क पर आई, सिटी पैलेस के बाहर पथराव, पढ़ें- पूरा घटनाक्रम

चित्तौड़गढ़ के उत्तराधिकारी घोषित किए जाने के बाद विश्वराज सिंह, उदयपुर के सिटी पैलेस मैं जाकर 'धूणी स्थल' पर नमन करना चाहते थे, इसके बाद एकलिंगनाथजी महाराज के मंदिर में दर्शन करना चाहते थे, लेकिन मौजूदा ट्रस्ट के मुखिया अरविंद सिंह मेवाड़ ने इसे ग़ैरक़ानूनी घोषित कर दिया.

विश्वराज सिंह का राज्याभिषेक समारोह राजपरिवार में विवाद की वजह से प्रभावित हुआ. अरविंद सिंह ने अनुष्ठान के तहत विश्वराज के उदयपुर में कुल देवता के एकलिंगनाथजी मंदिर और सिटी पैलेस में जाने के खिलाफ कानूनी नोटिस जारी कर दिया. 


दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प 

सिटी पैलेस में प्रवेश से रोके जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई और पत्थरबाजी की गई, इसमें तीन लोग घायल हो गए, विश्वराज सिंह के समर्थकों ने पैलेस के गेट पर धावा बोलने की कोशिश की. इस दौरान विश्वराज सिंह के समर्थकों ने नारेबाजी की और सिटी पैलेस के बाहर एकत्र हो गए. जबकि पुलिस उन्हें रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की.

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