
NIA की स्पेशल कोर्ट ने कर्नाटक के JMB बेंगलुरु मामलों में 4 आरोपियों को सजा सुनाई है. शुक्रवार (13.01.2023) को आरसी-19/2019/एनआईए/डीएलआई और आरसी-15, 16, 17 और 18/2020/एनआईए/डीएलआई में भारी मात्रा में जब्ती के मामलों में 4 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई.
बेंगलुरु में जेएमबी के ठिकाने से बम और IED आदि के निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले बिजली और इलेक्ट्रॉनिक सामान, उपकरण, रासायनिक उपकरण, कंटेनर आदि बरामद किए गए. शुरुआत में कर्नाटक पुलिस की ओर से अपराध सं. 144/2019 सोलादेवनहल्ली पुलिस स्टेशन बेंगलुरु में 07.07.2019 को और एनआईए की ओर से 29.07.2019 को फिर से रजिस्टर्ड किया गया था.
आगे आरोपी व्यक्तियों की ओर से की गई डकैतियों से संबंधित चार मामले एनआईए की ओर से फिर रजिस्टर्ड किए गए. जांच पूरी होने के बाद इन सभी डकैती के मामलों में एक कन्सोलिडेटेड आरोप पत्र दायर किया गया था. सुनवाई के लिए इन चार मामलों को एक में मिला दिया गया.
इन पर आईपीसी की कई धाराएं लगाई गईं. जिनमें कदोर काजी, मुस्तफिजुर रहमान, आदिल शेख, अब्दुल करीम शामिल थे.
जांच से पता चला है कि आरोपियों ने भारत में जेएमबी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के इरादे से बेंगलुरु में विभिन्न स्थानों पर डकैती करके पैसे जुटाए थे और विस्फोटक सामग्री भी एकत्र की थी. इसके अलावा आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए रॉकेट लांचर की टेस्टिंग की गई थी. अब तक 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र दायर किया जा चुका है और इस मामले में पूर्व में 3 अभियुक्तों को दोषी ठहराया जा चुका है.