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'सपा का सत्यानाश सुनिश्चित', स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस वाले बयान पर बोले कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा रामचरितमानस हिंदुओं की आस्था का आधार है. रामचरितमानस सामान्य किताब नहीं धार्मिक ग्रंथ है. रामचरितमानस पर टिप्पणी करने से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. साथ ही आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी कहा, मुझे लगता है कि स्वामी प्रसाद मौर्या जो बोल रहे हैं, उससे सपा का सत्यानाश होना सुनिश्चित है.

स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस वाले बयान पर बोले कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस वाले बयान पर बोले कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम
संतोष शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST

समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस को लेकर दिए गए बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार को सपा नेता ने हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस पर बयान दिया था, जिसके बाद से वह विवादों के घेरे में हैं. कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी सपा नेता के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा ऐसे बयान हिंदुओं की भावनाओं ठेस पहुंचाते हैं.

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उन्होंने कहा, बीजेपी चाहती है कि समाजवादी पार्टी और तमाम विपक्षी दल हिंदू विरोधी घोषित हो जाएं. जो काम बीजेपी चाहती है, वही काम समाजवादी पार्टी के यह नेता कर रहे हैं. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा रामचरितमानस हिंदुओं की आस्था का आधार है. रामचरितमानस सामान्य किताब नहीं धार्मिक ग्रंथ है. रामचरितमानस पर टिप्पणी करने से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. 

'सपा का सत्यानाश सुनिश्चित'

कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी कहा, मुझे लगता है कि स्वामी प्रसाद मौर्या जो बोल रहे हैं, उससे सपा का सत्यानाश होना सुनिश्चित है.

क्या था बयान?

बीते दिन रविवार को ही सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि धर्म कोई भी हो, हम उसका सम्मान करते हैं. लेकिन धर्म के नाम पर जाति विशेष, वर्ग विशेष को अपमानित करने का काम किया गया है, हम उस पर आपत्ति दर्ज कराते हैं. समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने आजतक से बातचीत में कहा था कि कई करोड़ लोग रामचरित मानस को नहीं पढ़ते, सब बकवास है. यह तुलसीदास ने अपनी खुशी के लिए लिखा है. 

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पुस्तक को ही बैन करने की कही थी बात

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि सरकार को इसका संज्ञान लेते हुए रामचरित मानस से जो आपत्तिजनक अंश है, उसे बाहर करना चाहिए या इस पूरी पुस्तक को ही बैन कर देना चाहिए. स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि तुलसीदास की रामचरितमानस में कुछ अंश ऐसे हैं, जिनपर हमें आपत्ति है. क्योंकि किसी भी धर्म में किसी को भी गाली देने का कोई अधिकार नहीं है. तुलसीदास की रामायण की चौपाई है. इसमें वह शुद्रों को अधम जाति का होने का सर्टिफिकेट दे रहे हैं.

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने जताई आपत्ति

स्वामी प्रसाद मौर्य अपने इस बयान को लेकर चौतरफा घिरे हुए हैं. सिर्फ हिंदू ही नहीं मुस्लिम धर्मगुरु भी इस बयान पर कड़ी आपत्ति जता चुके हैं. मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि मैं स्वामी प्रसाद के बयान की मज्जमत करता हूं. उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म से संबंधित पुस्तक पर कटाक्ष करने से पहले उनके जानकारों से पूछना करनी चाहिए. चाहे वह गीता-रामायण हो या फिर कुरान या बाइबल. 

भाजपा ने बताया सपा का एजेंडा

इसके अलावा बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान समाजवादी पार्टी का एजेंडा है. वह तुष्टिकरण और हिंदुओं को अपमानित करने के लिए जानबूझकर रामचरितमानस का अपमान कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा में थे, तब ऐसी बदजुबानी नहीं करते थे. उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद के बयान का खामियाजा सपा को भुगतना पड़ेगा. चुनावों में जनता ईवीएम का बटन दबाकर इसका जवाब देगी.

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