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स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव 2020: कोरोना ने नया वर्क कल्चर पैदा किया, अब रोजगार देने की चुनौती

स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव 2020 में शिरकत करते हुए SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के चेयरमैन हेमंत कनोरिया ने कहा कि कोविड ने मार्केट को कई नई चीजें दी है. यहां के लोग वर्क फ्रॉम होम में ढल गए हैं, वे इसके आदी नहीं थे. कई कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम, वर्क फ्रॉम एनीव्हेयर जैसे कॉन्सेप्ट को लॉन्च किया. हमारे पास तकनीक अच्छे थे, इसलिए हमें इस दिशा में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई.

SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के चेयरमैन हेमंत कनोरिया (फोटो-Getty image) SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के चेयरमैन हेमंत कनोरिया (फोटो-Getty image)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 05 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST
  • 'कोरोना ने बदली कार्य संस्कृति'
  • 'लोग वर्क फ्रॉम होम के आदी हो गए'
  • 'रोजगार की व्यवस्था करना चुनौती'

इंडिया टुडे ग्रुप के कार्यक्रम स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव 2020 में शिरकत करते हुए SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के चेयरमैन हेमंत कनोरिया ने कोरोना महामारी के बाद भारत निर्माण कैसे हो, इस मुद्दे पर अपनी राय रखी. हेमंत कनौरिया ने Build india-Post covid विषय पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीनों में कोरोना संक्रमण ने भारत समेत दुनिया के देशों पर गहरा प्रभाव डाला है, और अगर आने वाले कुछ महीनों में हमें वैक्सीन मिल जाती है तो हमें राहत मिल सकती है.

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हेमंत कनोरिया ने कहा कि कोविड ने मार्केट को कई नई चीजें दी है. यहां के लोग वर्क फ्रॉम होम में ढल गए हैं, वे इसके आदी नहीं थे. कई कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम, वर्क फ्रॉम एनीव्हेयर जैसे कॉन्सेप्ट को लॉन्च किया. हमारे पास तकनीक अच्छी थी, इसलिए हमें इस दिशा में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई. 

SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के चेयरमैन हेमंत कनोरिया ने कहा मानव सामाजिक प्राणी है, इसलिए हमें सबसे मिलने की जरूरत है, लेकिन कोरोना ने पहले के दो तीन महीनों पर इस पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है. इससे एक नया द्वारा खुला है, हम कैसे रहते हैं, हम कैसे काम रहते हैं, हमारा लाइफ स्टाइल क्या है? उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से कई पॉजिटिव चेंज आए. 

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उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद अब रोजगार के लिए लोग फिर से लौट रहे हैं, अब राज्यों के सामने चुनौती है कि उन्हें कैसे समायोजित किया जाए. कहां निवेश किया जाए, निजी निवेशकों को कहां बुलाया जाए, ये एक मौका है. अब राज्य सरकारों को जीविकोपार्जन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस करने की जरूरत होगी और हर राज्यों को अपने-अपने संसाधनों के मुताबिक काम करना होगा. 

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हेमंत कनोरिया ने कहा कि अब हमें अपने अंदर झांकने की जरूरत है और ये तय करना है कि हम क्या कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी आत्मनिर्भर बनने की चर्चा की है. पहले हम खुद आत्मनिर्भर बनें फिर अपने उद्योंगो की ओर ध्यान दें. इसी तरह राज्य सरकारों को आर्थिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है. 

 

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