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सुसाइड या मर्डर...? सुचिर बालाजी की मां ने उठाए बेटे की मौत पर सवाल, विदेश मंत्रालय से की हस्तक्षेप की मांग

सुचिर बालाजी की मां पूर्णिमा राव ने इंडिया टुडे के साथ इंटरव्यू में बताया कि पुलिस ने उनके बेटे की मौत को सुसाइड बताया है लेकिन उनके बेटे की मौत संदिग्ध है. इसलिए मामले की जांच के लिए उन्होंने निजी इन्वेस्टिगेटर हायर किया है, जो इस मामले की जांच कर रहा है.

पूर्णिमा राव और सुचिर बालाजी पूर्णिमा राव और सुचिर बालाजी
राहुल कंवल
  • नई दिल्ली,
  • 31 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:41 PM IST

अमेरिका में AI रिसर्चर सुचिर बालाजी की रहस्यमयी मौत का मामला गरमाया हुआ है. 26 साल के सुचिर का शव 26 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को के उनके अपार्टमेंट से बरामद किया गया था. पुलिस ने मामले को सुसाइड बताया है जबकि सुचिर की मां का कहना है कि उनके बेटे की मौत की जांच होनी चाहिए.

सुचिर बालाजी की मां पूर्णिमा राव ने इंडिया टुडे के साथ इंटरव्यू में बताया कि पुलिस ने उनके बेटे की मौत को सुसाइड बताया है लेकिन उनके बेटे की मौत संदिग्ध है. इसलिए मामले की जांच के लिए उन्होंने निजी इन्वेस्टिगेटर हायर किया है, जो इस मामले की जांच कर रहा है.

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सुचिर की मां पूर्णिमा ने कहा कि उनके बेटे के अपार्टमेंट में सारा सामान बिखरा हुआ था. बाथरूम में हाथापाई के निशान मिले हैं. बाथरूम में खून के धब्बे थे, जब हमने चैट जीपीटी का इस्तेमाल कर पता लगाना चाहा, तो पता चला कि ऐसा सुसाइड के मामले में नहीं होता. हमें मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. इस वजह से हमने बेटे की मौत का पता लगाने के लिए प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर को हायर करने का फैसला किया. 

उन्होंने कहा कि जब कोई शख्स सुसाइड करता है तो कई फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाता है. इसमें सबसे अहम फैक्टर ये है कि क्या वह शख्स डिप्रेशन में था. लेकिन पुलिस ने हमसे इस बारे में कुछ भी नहीं पूछा.

उन्होंने कहा कि अटॉर्नी ने हमें बताया कि 26 नवंबर को अपार्टमेंट में किसी ने एंट्री नहीं की और न ही एग्जिट की. सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है. इसके बाद इस मामले को सुसाइड करार दिया गया. लेकिन हमने बताया कि अपार्टमेंट में एंट्री के तीन एंट्रेस हैं. इनमें से एक एंट्री गैराज से होती है और एक बैकडॉर से जहां सीसीटीवी नहीं लगा हुआ है. लेकिन पुलिस ने हमारी एक नहीं सुनी. 

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सुचिर की मां ने इस मामले में विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप करने की अपील की है. उनका कहना है कि सैन फ्रांसिस्को की टेक इंडस्ट्री बहुत पावरफुल है. यहां बहुत करप्शन है. 

सुचिर बालाजी ने OpenAI पर लगाए थे आरोप

सुचिर ने ओपनएआई पर कॉपीराइट उलल्ंघन और बिजनेस मॉडल को डिस्टैबेलाइज करने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कंपनी के इंटरनेट इकोसिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव की बात कही थी. उन्होंने लोगों को ओपनएआई छोड़ने की सलाह दी थी. 

ChatGPT के लॉन्च होने के बाद से ही OpenAI पर इस तरह के आरोप लग रहे हैं. कंपनी ने इस AI मॉडल को साल 2022 में लॉन्च किया था. उसके बाद कंपनी पर कॉपीराइट को लेकर कई केस किए गए हैं. इनमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने अपने AI को ट्रेनिंग देने के लिए दूसरों के कॉपीराइट कंटेंट का इस्तेमाल किया है.

सुचिर अमेरिका की बर्कले यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट थे. उन्होंने ओपनएआई और स्केल एआई में काम किया है. उन्होंने 2022 में जीपीटी-4 प्रोजेक्ट के डेटा कलेक्शन के दौरान कॉपीराइट उल्लंघन का पता लगाया था. ऐसे में ओपनएआई जैसे एआई संगठनों पर आरोप और सुचिर की मौत ने एआई रिसर्च और एथिक्स पर गंभीर सवाल उठाए हैं. 

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बालाजी OpenAI में बतौर रिसर्च काम करते थे. उन्होंने इस साल की शुरुआत में कंपनी छोड़ दी थी. कंपनी छोड़ने के बाद वो ChatGPT मेकर पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया था.

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