
सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों ने अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने का ऐलान किया है. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना को भी अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करना होगा.
सुप्रीम कोर्ट की फुल कोर्ट ने एक अप्रैल की अपनी मीटिंग में ये फैसला किया था कि सीजेआई के समक्ष पेश की जजों की संपत्तियों के ब्योरे को सार्वजनिक किया जाएगा.
इससे पहले जजों ने सीजेआई के समक्ष अपनी संपत्तियों के ब्योरे को पेश किया था. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जजों की संपत्तियों के ब्योरे को अपलोड करना पूरी तरह से स्वेच्छा पर निर्भर था. लेकिन अब फैसला लिया गया है कि जजों की संपत्तियों के पूरे ब्योरे को सार्वजनिक किया जाएगा.
मौजूदा समय में सीजेआई सहित सुप्रीम कोर्ट में कुल 30 जजों ने अपनी संपत्तियों का ब्योरा सार्वजनिक किया है. इनमें जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस अभय एस ओक, जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस बीवी नागरत्ना जैसे जज शामिल हैं.
बता दें कि यह खबर ऐसे समय पर सामने आई है, जब हाल ही में जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से कैश बरामद किया गया था. कैश मिलने के मामले की जांच के लिए सीजेआई संजीव खन्ना ने 22 मार्च को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ तीन सदस्यीय आंतरिक जांच शुरू की थी. आरोप है कि जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवासीय परिसर से नोटों की गड्डियां पाई गई थीं, जहां 14 मार्च को आग लग गई थी. नोटों की ये गड्डियां आग बुझाने वाली फायर ब्रिगेड की टीम ने स्टोर रूम में देखी थीं. आग की चपेट में आने से बहुत सारे नोट जल गए थे.