
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की ओर से विधायकों की अयोग्यता से जुड़े अलग-अलग मामलों पर चिंता जताई गई. कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कई राज्यों के मामले काफी वक्त से अटके हुए हैं, जबकि अब तो काफी जगह उपचुनाव हो रहा है. इस पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया कि इसमें हमारी गलती नहीं है, आप लोगों की ओर से ही मामले को आगे बढ़ाने के लिए कहा जाता है.
दरअसल, बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता विनय सक्सेना की याचिका पर सुनवाई हो रही थी. स्पीकर की ओर से विनय सक्सेना को अयोग्य ठहराए जाने की अपील पर फैसला नहीं हुआ है, जिसके बाद मसला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.
इस पर कपिल सिब्बल ने अदालत में यहा कि ये याचिका मार्च में दायर की गई थी, लेकिन अब वहां पर उपचुनाव हो रहा है. नतीजा भी दस तारीख को आ जाएगा, ऐसे में जो चुनाव जीता वही फाइनल हो जाएगा. कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसा ही गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु से जुड़े मामलों के साथ हुआ है.
कपिल सिब्बल ने अदालत में अपील करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई जल्दी होनी चाहिए और बार-बार सुनवाई नहीं टाली जानी चाहिए.
इस पर चीफ जस्टिस एस. ए. बोबड़े की ओर से कहा गया कि सुनवाई को आगे बढ़ाने की अपील दोनों पक्षों की ओर से ही दी जाती है. ऐसे में हम किसी तरह की सुनवाई टालने को मना कर सकते हैं, इसमें अदालत की गलती नहीं है. आप (वकील) ही आगे की तारीख मांगते हैं.
गौरतलब है कि विनय सक्सेना द्वारा दायर की गई याचिका का केस अब बंद हो गया है. क्योंकि मध्य प्रदेश के स्पीकर ने कांग्रेस पार्टी की अपील को खारिज कर दिया है. मध्य प्रदेश में अब उपचुनाव हो गया है और नतीजों का इंतजार है.