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'10वीं अनुसूची का मजाक उड़ा रहे मुख्यमंत्री', सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को लगाई फटकार

जस्टिस गवई ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि यह बात सदन में कही गई है तो मुख्यमंत्री 10वीं अनुसूची का मजाक उड़ा रहे हैं. जस्टिस गवई ने चेतावनी के अंदाज में कहा कि इस तरह का बयान दोहराया नहीं जाना चाहिए, हम भी शक्तिहीन नहीं हैं.

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 10:12 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने आज तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के सदन में दिए गए उस कथित बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें रेवंत रेड्डी ने कहा था कि यदि बीआरएस विधायक कांग्रेस पार्टी में शामिल हो भी जाएं तो भी कोई उपचुनाव नहीं होगा.

'10वीं अनुसूची का मजाक उड़ा रहे CM'

जस्टिस गवई ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि यह बात सदन में कही गई है तो मुख्यमंत्री 10वीं अनुसूची का मजाक उड़ा रहे हैं. जस्टिस गवई ने चेतावनी के अंदाज में कहा कि इस तरह का बयान दोहराया नहीं जाना चाहिए, हम भी शक्तिहीन नहीं हैं.

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अयोग्यता याचिकाओं पर समय पर निर्णय लेने की मांग

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष से बीआरएस पार्टी के कुछ विधायकों के तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के संबंध में दायर अयोग्यता याचिकाओं पर समय पर निर्णय लेने की मांग की गई है.

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