
Who is Sushen Mohan Gupta in Rafale Controversy: राफेल डील को लेकर एक बार फिर से फिर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. राफेल विमान की खरीद को लेकर फ्रेंच पब्लिकेशन मीडिया रिपोर्ट की सामने आई. जिसके बाद पहले कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा, आज मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
इस प्रेस कॉन्फ्रेस में उन्होंने बिजनेसमैन सुशेन गुप्ता का जिक्र किया. संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि सुशेन गुप्ता कोई नया खिलाड़ी नहीं है, इसका नाम वीवीआईपी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में भी दलाली लेने के आरोप में सामने आया था. वहीं मीडिया पार्ट की जो रिपोर्ट आई है, उसके अनुसार राफेल डील के लिए दसॉ एविएशन ने सुशेन गुप्ता नाम के एजेंट को 7.5 मिलियन यूरो (65 करोड़ रुपये) दिए थे.
सबित पात्रा जब आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे तो वह बोल रहे थे कि जो भी हुआ है वह 2007 से 2012 के बीच हुआ है. ऐसे में अब ये सवाल उठ रहा है कि ये सुशेन गुप्ता है कौन?
वहीं सुशेन गुप्ता का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि अगर बीजेपी के पास इस बात के सबूत हैं कि सुशेन गुप्ता ने दसॉ एविएशन से गुप्त रूप में पैसे लिए हैं तो इस बात की जांच क्यों नहीं की. मीडिया पार्ट की जो रिपोर्ट रविवार को सामने आई है, उसके अनुसार भारत राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट भेजने के लिए 7.5 मिलियन यूरो बतौर एजेंट लिए थे. सुशेन गुप्ता को ये पैसा शैल कंपनी और बोगस बिल के माध्यम से दसॉ एविएशन ने दिए थे.
कौन है सुशेन गुप्ता
फ्रांस की दसॉ एविएशन से पर्दे के पीछे से पैसे लेने के आरोप में घिरे सुशेन गुप्ता की पूरी कहानी क्या है, ये आपको बताते हैं. 46 साल के सुशेन मोहन गुप्ता के परिवार का भारत में डिफेंस और एविएशन इंड्रस्टी से गहरा संबंध है. उसका परिवार पुरानी दिल्ली का रहने वाला है. सुशेन को कपड़े का बिजनेस का काम अपने दादा ब्रज मोहन गुप्ता से पुश्तैनी मिला हुआ है.
उसके दादा ब्रज मोहन गुप्ता का भी एविएशन की दुनिया में दखल रहा है. ब्रज मोहन गुप्ता ने शुरुआत इंडियन एविट्रोन्क्सि के साथ की थी. इसके बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के डिफेंस और एविएशन इंडस्ट्री के महारथियों के साथ जान पहचान बनाई.
80 के दशक में उनके क्लाइंट एयरो इंजन निर्माता प्राट एंड व्हिटनी ( Pratt and Whitney) थे. जो कई सिविल और मिलिट्री एयरक्राफ्ट बनाते थे. साथ ही उनके एविएशन सीटिंग और सिम्युलेटर कंपनी रेकारो (Recaro ) के अलावा पूर्व ब्रिटिश कंपनी वेस्टलैंड एयरक्राफ्ट (Westland Aircrafts) से भी बतौर क्लाइंट उनके ताल्लुक थे. ब्रज मोहन गुप्ता के बाद इस काम को उनके बेटे देव मोहन गुप्ता ने संभाला, वहीं बाद में तीसरी पीढ़ी के तौर पर इस काम को सुशेन मोहन गुप्ता ने आगे बढ़ाया.
अमेरिका भी पढ़ने गया था सुशेन
सुशेन ने अपना बिजनेस दूसरे क्षेत्रों में भी फैलाया. सुशेन दिल्ली में सिविल लाइंस इलाके में रहता है. उसने अपनी शुरुआतती पढ़ाई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से की. इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भी गया. जहां उसने कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय, पिट्सबर्ग, पेंसिल्वेनिया (Carnegie Mellon University, Pittsburgh, Pennsylvania) से मैकेनिकल इंजीनियंरिग और इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट की पढ़ाई की. इसके बाद सुशेन ने परिवार के काम को संभाला और हॉस्पिटिलेटी और पॉवर सेक्टर में भी अपने कदम आगे बढ़ाए.
खेतान और राजीव सक्सेना से भी संबंध
सुशेन गुप्ता का नाम वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील में वकील गौतम खेतान और बिजनेसमैन राजीव सक्सेना के साथ भी सामने आया था. ओपी खेतान, गौतम खेतान के पिता थे. जो गुप्ता परिवार के पारिवारिक वकील थे. कोर्ट में जो स्टेटमेंट सुशेन गुप्ता ने दिया है उसके अनुसार राजीव सक्सेना से उसकी जाना पहचान राजीव सक्सेना से ओपी खेतान ने करवाई थी.
गौतम खेतान, सुशेन गुप्ता और राजीव सक्सेना अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील के दौरान गिरफ्तार हुए थे. हालांकि बाद में सुशेन गुप्ता को दिल्ली के कोर्ट ने शर्तों के आधार पर जमानत दे दी थी. मीडिया पार्ट की रिपोर्ट सामने आने के बाद एक बार फिर से सुशेन गुप्ता का नाम चर्चा में आ गया है.