
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक संदिग्ध आतंकी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है. कट्टरपंथी शख्स की पहचान आरिफ के रूप में हुई है. वह इंटरनेट के जरिए आतंकियों के संपर्क में था.
एनआईए ने बताया कि आरिफ कट्टरपंथी है, हालांकि अभी तक किसी भी घटना में शामिल नहीं हुआ है. सूत्रों की मानें तो वह बीते करीब दो साल से आतंकी संगठन अल-कायदा के संपर्क में था. आरिफ बेंगलुरु में ही एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करता था.
बताया जा रहा है कि वो ईरान और अफगानिस्तान के लिए जल्दी ही रवाना होने की तैयारी में था. वहां जाकर वह आतंकी संगठन IKP ज्वाइन करना चाहता था, लेकिन एनआईए ने उसे आज बेंगलुरु से ही गिरफ्तार कर लिया.
कोलकाता में पकड़े गए थे दो आतंकी
इससे पहले जांच एजेंसी ने कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आईएसआईएस से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ की थी. एनआईए के सूत्र ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी लंबे समय से राष्ट्रीय जांच एजेंसी के मोस्ट वांटेड की लिस्ट में थे. एनआईए के एक अधिकारी ने इंडिया टुडे को बताया, 'यह हमारा नियमित काम है, एनआईए देश की रक्षा के लिए हमेशा सक्रिय है. जब भी किसी संदिग्ध आतंकवादी को किसी जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया जाता है, तो हम कानून के अनुसार मामले की जांच करते हैं.'
ISIS प्रमुख का अनुयायी था सद्दाम
साथ ही एसटीएफ की जांच के दौरान संदिग्ध आईएसआईएस आतंकी सद्दाम से पूछताछ करने पर कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आई. एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी सद्दाम पिछले दो साल से आईएसआईएस के संपर्क में है. उसने अपनी नौकरी खो दी, हालांकि उसके परिवार के सदस्यों को पता था कि वह घर से काम कर रहा है. मोहम्मद सद्दाम ISIS के पांचवें प्रमुख शेख अबुल हुसैन अल हुसैनी का अनुयायी था. कोलकाता पुलिस एसटीएफ सूत्र का यह भी दावा है, उसके लैपटॉप और मोबाइल में हत्या के कई वीडियो मिले हैं. सद्दाम ने विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवाया था. सद्दाम आत्मघाती दस्ते के बारे में खास जानकारी मांग रहा था.