
पश्चिम बंगाल में लोकायुक्त की नियुक्ति के मुद्दे पर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यपाल को लोकायुक्त का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था. राज्यपाल ने ममता सरकार के लोकायुक्त को एक्सटेंशन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी. इसे लेकर अब विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वे गैरकानूनी कार्यों में राज्य सरकार की मदद कर रहे हैं. उन्होंने इसके विरोध में कोर्ट जाने का ऐलान भी कर दिया है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि राज्यपाल को लेकर कुछ नहीं बोलना चाहता हूं.
उन्होंने कहा कि क्या हो रहा है, मुझे ये नहीं मालूम. पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल कई मामलों में राज्य सरकार की मदद कर रहे हैं. ये सब बाद में एक दिन बताऊंगा. उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में राज्यपाल ने लोकायुक्त को लेकर जो किया है, वह पूरी तरह से गैरकानूनी है.
शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि लोकायुक्त के चेयरमैन का एक्सटेंशन नहीं होता है लेकिन उन्होंने एक्सटेंशन भी दिया है. उन्होंने आगे कहा कि कब वो झगड़ा करें और कब प्यार-मोहब्बत, मैं इन सबमें नहीं हूं. पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि मैं पब्लिक को लेकर लड़ाई करता हूं.
उन्होंने कहा कि जहां कानून तोड़ेंगे, उसकी रक्षा के लिए मैं कोर्ट जाऊंगा. शुभेंदु अधिकारी ने तंज करते हुए कहा कि मैं राज्यपाल पर निर्भर रहकर राजनीति नहीं करता. राज्य सरकार राज्यपाल से गैरकानूनी काम करवाएगी और वे कुछ गैरकानूनी काम कर भी रहे हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वीरेंद्र को राज्य सरकार ने हटाया और राज्यपाल ने उसे इनफार्मेशन कमिश्नर बना दिया.
शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि असीम राय को लोकायुक्त का एक्सटेंशन दिया गया है. उन्होंने कहा कि ये (राज्यपाल) गैरकानूनी काम तो समर्थन कर रहे हैं. विपक्ष के नेता ने कहा कि जब भी गैरकानूनी काम अटकेंगे, तब ममता बनर्जी और उनके कर्मचारी गुस्सा हो जाएंगे. शुभेंदु ने आगे कहा कि इसके बाद राज्यपाल ममता सरकार की मदद कर समझौता कर लेंगे. ये प्यार-मोहब्बत चलती रहेगी और मुझे इसमें नहीं घुसना.