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'RSS चीफ का बयान परिवार नियोजन की नीति के विपरीत', स्वामी प्रसाद मौर्य ने साधा निशाना

राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी मोहन भागवत और बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, 'आरएसएस प्रमुख का बयान उस चर्चा पर मुहर लगाता है जो मुसलमानों के अधिक बच्चे पैदा करने पर की गई थी और लोगों से आग्रह कर रहे हैं समाज के अन्य वर्ग भी अधिक बच्चे पैदा करें...

स्वामी प्रसाद मौर्य. (File) स्वामी प्रसाद मौर्य. (File)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 6:52 AM IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के '3 बच्चों की जरूरत' वाले बयान पर सियासी संग्राम बढ़ता जा रहा है. अब राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी मोहन भागवत और बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, 'आरएसएस प्रमुख का बयान उस चर्चा पर मुहर लगाता है जो मुसलमानों के अधिक बच्चे पैदा करने पर की गई थी और लोगों से आग्रह कर रहे हैं समाज के अन्य वर्ग भी अधिक बच्चे पैदा करें...

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क्या बोले स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, 'आरएसएस प्रमुख का बयान परिवार नियोजन कल्याण विभाग की नीति के विपरीत है. मोहन भागवत को पहले पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से पूछना चाहिए था कि क्या वो उनके बयान से सहमत हैं या नहीं...मुझे खुशी है कि मोहन भागवत ने मुसलमानों की आबादी में बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी है.'

क्या बोले थे मोहन भागवत

भागवत ने कहा, "आधुनिक जनसंख्या विज्ञान कहता है कि जब किसी समाज की जनसंख्या (प्रजनन दर) 2.1 से नीचे चली जाती है, तो वह समाज दुनिया से नष्ट हो जाता है. वह समाज तब भी नष्ट हो जाता है जब कोई संकट नहीं होता है. इस तरह से कई भाषाएं और समाज नष्ट हो गए हैं. जनसंख्या 2.1 से नीचे नहीं जानी चाहिए." उन्होंने यह भी कहा कि 2.1 की जनसंख्या वृद्धि दर बनाए रखने के लिए समाज को दो से अधिक बच्चों की आवश्यकता है, इस तरह उन्होंने तीन बच्चों की जरूरत पर जोर दिया.

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भागवत ने बताई दो से अधिक बच्चों की जरूरत 

RSS प्रमुख भागवत ने जनसंख्या नीति की ओर इशारा करते हुए कहा, "हमारे देश की जनसंख्या नीति वर्ष 1998 या 2002 में तय की गई थी, जिसमें यह कहा गया था कि जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 से नीचे नहीं होनी चाहिए. यदि हम 2.1 की जनसंख्या वृद्धि दर चाहते हैं, तो हमें दो से अधिक बच्चों की जरूरत है. जनसंख्या विज्ञान भी यही कहता है. संख्या महत्वपूर्ण है क्योंकि समाज का बने रहना जरूरी है."

बता दें कि मोहन भागवत के इस बयान पर सपा और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने विरोध जताया है.

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