
तमिलनाडु के कोयम्बटूर में शुक्रवार को काला दिवस जुलूस निकालने के लिए पुलिस ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई और 916 पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170 के तहत केस दर्ज किया. दरअसल, अन्नामलाई ने कोयंबटूर सीरियल बम विस्फोट मामले में दोषी एसए बाशा के अंतिम संस्कार जुलूस की अनुमति देने के लिए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर अशोक प्रेमा कल्याण मंडपम में रखा और उसी दिन रिहा कर दिया गया.
पीटीआई के मुताबिक अन्नामलाई ने राज्य सरकार पर कोयंबटूर बम विस्फोट के आतंकवादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया गया. इस दौरान बैनर लेकर हिंदू संगठन और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जुलूस में हिस्सा लिया. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित अल-उम्मा के संस्थापक एसए बाशा के अंतिम संस्कार जुलूस को पुलिस सुरक्षा के साथ कुछ दिन पहले अनुमति देने पर कड़ी आलोचना की. 1998 के बम विस्फोट मामले में दोषियों में से एक बाशा की पैरोल पर उम्र संबंधी बीमारी के कारण मृत्यु हो गई और उन्हें यहीं दफनाया गया.
पुलिस ने कहा कि भाजपा को रैली निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी और इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया. एक ट्वीट में अन्नामलाई ने कहा, "हम डीएमके सरकार के कायरतापूर्ण कृत्य की निंदा करते हैं, जिसमें भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक आतंकवादी के महिमामंडन की निंदा करने के लिए रैली निकालने पर गिरफ्तार किया गया, जो 1998 में शांतिप्रिय शहर कोयंबटूर में 58 लोगों की जान लेने का कारण था. डीएमके सरकार को यह समझना चाहिए कि भाजपा के कार्यकर्ता ऐसी निरंकुशता के आगे कभी नहीं झुकेंगे और हम हमेशा तमिलनाडु के लोगों की आवाज बने रहेंगे."