
भारतीय वायुसेना (IAF) के बहुप्रतीक्षित तेजस Mk-1A लड़ाकू विमान कार्यक्रम को आखिरकार गति मिलने जा रही है. अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को पहला F404-IN20 इंजन सौंप दिया है. यह इंजन 99 इंजनों के ऑर्डर में से पहला है, जिसे दो साल की देरी के बाद अब डिलीवर किया गया है.
GE एयरोस्पेस के जनरल मैनेजर, कॉम्बैट और ट्रेनर इंजिन्स, शॉन वॉरेन ने इस मौके पर कहा, 'हमें खुशी है कि हमने HAL को पहला F404-IN20 इंजन सौंपा है. यह हमारे 40 साल के सहयोग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है.'
सालाना कम से कम होगा 16 विमानों का उत्पादन
HAL ने तेजस Mk-1A के उत्पादन को तेज करने के लिए अपने बेंगलुरु स्थित उत्पादन संयंत्र को पुनर्गठित किया है. कंपनी ने नए असेंबली लाइन एरिया को जोड़ा है, जिससे सालाना कम से कम 16 तेजस Mk-1A विमानों का उत्पादन संभव होगा. सरकार का लक्ष्य 2028 तक भारतीय वायुसेना को 83 तेजस Mk-1A विमान सौंपना है.
2021 में हुआ था सौदा
HAL के अधिकारियों के अनुसार, इंजन डिलीवरी में देरी के बावजूद, हमने शीघ्र डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए अपनी असेंबली प्रक्रिया को बेहतर बना लिया है लेकिन अब F404-IN20 इंजन की डिलीवरी से उत्पादन में तेजी आएगी. HAL ने 2021 में 716 मिलियन डॉलर के सौदे के तहत GE एयरोस्पेस से 99 इंजन खरीदे थे, लेकिन उत्पादन बंद होने के कारण डिलीवरी में देरी हुई.
तेजस Mk-1A, अपने पुराने संस्करण Mk-1 का अपग्रेडेड वेरिएंट है, जिसमें एडवांस्ड एवियोनिक्स, बेहतर रडार और आधुनिक हथियार प्रणालियां शामिल हैं. यह विमान भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा.