
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक हलफनामा दायर किया है. उन्होंने इस हलफनामे में गुजारतियों को लेकर की गई अपनी टिप्पणी को वापस लेने की जानकारी दी है. इस मामले में उनके खिलाफ अदालत में मानहानि का मामला लंबित है.
तेजस्वी ने गुजरातियों को लेकर की गई टिप्पणी मामले में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामले को ट्रांसफर कराने की याचिका दी है. उन्होंने गुजरात से बाहर इस मामले को दिल्ली या भी पटना में ट्रांसफर करने की मांग की है.
जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जवल भुइयां की पीठ ने शिकायतकर्ता हरेश मेहता के वकील से पूछा कि तेजस्वी यादव ने अपनी टिप्पणी वापस ले ली है. ऐसे में क्या उन पर मुकदमा चलाया जाना जरूरी है? कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में यह स्पष्ट है कि तेजस्वी ने अपनी टिप्पणी वापस ले ली है. ऐसे में मुकदमा चलाने के लिए उस मामले में क्या बचता है? हालांकि कोर्ट ने मेहता की वकील से कहा कि इस मामले में वह अपने मुवक्किल से निर्देश ले ले कि वह आगे क्या चाहते हैं?
क्या है मामला?
तेजस्वी यादव ने 22 मार्च 2023 की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि ठग है ना, जो ठग है, ठग को अनुमति है, आज के देश के हालात में देखा जाए तो सिर्फ गुजराती ही ठग हो सकता है और उसके ठग को माफ किया जाएगा. एलआईसी का पैसा, बैंक का पैसा दे दो, फिर वो लोग लेकर भाग जाएंगे.