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तेलंगाना के कांचा गाचीबोवली में पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार से पूछा- क्या वन विभाग से परमिशन ली

सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों की कटाई को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए हैं. अदालत ने पूछा कि वनों की कटाई को शुरू करने की इतनी आपातकालीन आवश्यकता क्यों थी? हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार द्वारा भेजी गई तस्वीरें इस क्षेत्र की भयावह स्थिति को दिखाती हैं. रिपोर्ट से स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं और भारी मशीनरी तैनात की गई है.

कांचा गाचीबोवली में पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है कांचा गाचीबोवली में पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है
सृष्टि ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

तेलंगाना के कांचा गाचीबोवली में पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान (Suo Moto Cognisance) लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव को पक्षकार बनाया है. कोर्ट ने अगले आदेश तक इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगा दी है. अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो राज्य के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों की कटाई को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए हैं. अदालत ने पूछा कि वनों की कटाई को शुरू करने की इतनी आपातकालीन आवश्यकता क्यों थी? हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार द्वारा भेजी गई तस्वीरें इस क्षेत्र की भयावह स्थिति को दिखाती हैं. रिपोर्ट से स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं और भारी मशीनरी तैनात की गई है. रिपोर्ट में पक्षियों और मोरों की मौजूदगी का उल्लेख है, जो दर्शाता है कि यह क्षेत्र वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास था.

मुख्य सचिव से मांगे गए जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से पूछा कि इस वन क्षेत्र से पेड़ों को हटाने सहित विकासात्मक गतिविधियां शुरू करने की अनिवार्य आवश्यकता क्यों थी? क्या इस क्षेत्र के लिए पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन (EIA) प्रमाणपत्र प्राप्त किया गया था? क्या वन विभाग से अनुमति ली गई थी? सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिले तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

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विपक्ष ने किया फैसले का स्वागत

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का बीजेपी और बीआरएस ने स्वागत किया, जो पहले से ही इस परियोजना का कड़ा विरोध कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस भूमि पर किसी भी प्रकार की गतिविधि न की जाए, सिवाय पेड़ों की सुरक्षा के. जस्टिस बी. आर. गवई और ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने राज्य में पेड़ों की कटाई को गंभीर मुद्दा करार दिया और कहा कि तेलंगाना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की रिपोर्ट "चिंताजनक तस्वीर" पेश करती है. 

'पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी जीत'

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का स्वागत करते हैं, जिसने तेलंगाना सरकार द्वारा कांचा गाचीबोवली क्षेत्र में की जा रही पर्यावरणीय क्षति पर रोक लगा दी है. उन्होंने यह भी मांग की कि राज्य सरकार सभी गिरफ्तार छात्रों को तुरंत रिहा करे और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करे.

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