
तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी का मामला पूरे देश में तूल पकड़ चुका है. इस खुलासे के बाद बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. स्वामी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच हाई लेवल और स्वतंत्र निकाय से कराने की गुहार लगाई है.
सुप्रीम कोर्ट मे दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि भगवान वेंकटेश्वर के निवास स्थान तिरुमला तिरुपति के भोग प्रसाद वाले लड्डुओं में घटिया सामग्री और पशु की चर्बी के कथित आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी बनाने का निर्देश जारी किया जाए.
इसके साथ ही मांग की गई है कि अंतरिम तौर पर कोर्ट यह आदेश जारी करे कि लैब में लड्डुओं की जांच रिपोर्ट की विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट और उस जांच में प्रयोग किए गए घी के सैंपल के सोर्स के बारे में एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए उचित निर्देश जारी करे.
प्रसाद में मिलावट का आरोप
नायडू ने आरोप लगाया है कि तिरुमला तिरुपति मंदिर के प्रसाद में पशुओं के मांस और अन्य सड़े हुए पदार्थों की मिलावट की गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में ही एक रिट भी दाखिल की गई है. पहले भेजी पत्र याचिका को ही रिट बनाया गया है.
याचिकाकर्ता के वकील राजीव कुमार और सत्यम सिंह ने बताया कि इस याचिका में भी करोड़ों भक्तों की आस्था को आहत करने वाले इस मामले की जांच का आदेश दिए जाने की गुहार लगाई गई है.
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लैब की रिपोर्ट में क्या?
टीडीपी के प्रवक्ता अनम वेंकट रमणा रेड्डी ने 19 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में लैब रिपोर्ट सार्वजनिक की. उन्होंने बताया कि गुजरात स्थित लाइवस्टॉक लैबोरेटरी, NDDB (नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड बोर्ड) CALF लिमिटेड (सेंटर फॉर एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइवस्टॉक एंड फूड) को 9 जुलाई, 2024 को सैंपल भेजा गया था. लैब ने 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट दी थी. इस मुद्दे पर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के पूर्व चेयरमैन और वाईएसआर पार्टी सांसद वाईवी सुब्बा रेड्डी ने कहा, 'तिरुपति लड्डू प्रसादम की पवित्रता पर सीएम नायडू का बयान बहुत ही अपमानजनक है. इससे दुनिया भर के हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं. टीटीडी ने 2019 से 2024 तक नैवेद्यम और प्रसादम तैयार करने में उच्चतम मानकों का पालन किया और पहले की तुलना में प्रसादम की गुणवत्ता में भी सुधार किया.'