
उत्तराखंड में एक नहीं बल्कि कई बार मंत्री और विधायक अपनी-अपनी शिकायत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पास दर्ज करवा चुके हैं कि प्रदेश की अफसरशाही पूरी तरह से बेलगाम हो चुकी है. शुक्रवार को इसी क्रम में प्रदेश के पर्यटन मंत्री और कद्दावर नेता सतपाल महाराज ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं और उन्होंने अफसरों को दायरे में लाने के लिए नियम में बदलाव की मांग की है.
गौरतलब है कि अफसरशाही का दंश सतपाल महाराज खुद भी झेल चुके हैं. एक बार नहीं बल्कि कई बार प्रदेश के एक और कद्दावर मंत्री हरक सिंह रावत भी कई बार अपनी मीटिंग के दौरान अफसरों को धमका चुके हैं. अभी हाल ही में एक और वरिष्ठ मंत्री मदन कौशिक अपनी मीटिंग में अधिकारियों के उपस्थित नहीं रहने पर मीटिंग छोड़ कर चले गए थे.
मंत्री रेखा आर्य का अनोखा विरोध
अभी ताजा मामला महिला सशक्तिकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्य से जुड़ा है जो पिछले काफी समय से अपने विभाग के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को लगातार फोन कर संपर्क करने की कोशिश करती रहीं मगर दूसरी तरफ से न ही फोन उठाया गया और न ही किसी माध्यम से मंत्री महोदया को न बात करने की जानकारी साझा की गई.
आईएएस अफसर के इस हरकत से खफा महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्य ने उनके खिलाफ गुमशुदगी की रिपोर्ट ही लिखवा दी.
उत्तराखंड के अधिकारियों पर जन प्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने के आरोप लगते आए हैं. कई बार मंत्री से लेकर विधायक तक ने सामने आकर अधिकारियों पर मनमर्जी करने और बात नहीं सुनने के आरोप लगाए हैं. ऐसे में हाल ही में बाल विकास मंत्री रेखा आर्य अपने विभाग के एक सचिव से इतनी नाराज हो गईं कि उन्होंने उनके खिलाफ गुमशुदगी को लेकर देहरादून एसएसपी को पत्र तक लिख दिया.
सतपाल महाराज ने किया समर्थन
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने फिर से अफसरशाही के मुद्दे को हवा दे दी है. सतपाल महाराज ने ये मांग उठा दी है कि मंत्रियों को खुद ही अधिकारियों की सीआर लिखनी चाहिए तभी जाकर अधिकारी मंत्रियों की बात सुनेंगे.
उन्होंने आजतक से बात करते हुए कहा कि पहले की व्यवस्था प्रदेश में फिर से लागू हो फिर शायद कुछ हो पाए क्योंकि उत्तराखंड को छोड़ सभी जगह यह व्यवस्था लागू है. इस व्यवस्था के लागू न होने से अफसर बेलगाम हो रहे हैं.
बेलगाम अफसरशाही पर उत्तराखंड के मंत्री से लेकर विधायक कई बार स्पष्ट कह चुके हैं कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते. अब अफसर के खिलाफ गुमशुदगी को लेकर पत्र भेजने के मामले में चर्चा में आई मंत्री रेखा आर्य को सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का साथ मिल गया है. सतपाल ने मंत्री द्वारा अधिकारियों की सीआर खुद लिखने की व्यवस्था को उत्तराखंड में शुरू करने की बात कही है.