
त्रिपुरा (Tripura) में नशे की लत के बढ़ते मामलों ने राज्य में परिवारों की जिंदगी पर असर डालना शुरू कर दिया है. त्रिपुरा में पांच दिनों के अंदर इस तरह के दो मामले सामने आए हैं. नशे की लत में डूबे बेटे ने माता-पिता पर हमला कर उन्हें मार डाला. अगरतला के जोगेंद्र नगर के पास विद्यासागर इलाके में एक नशे की लत में डूबे बेटे अर्घ्यजीत दास (28) ने मत्स्य विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी अपने पिता काजल दास (62) की हत्या कर दी.
हाल ही में काजल दास ने एक प्लॉट बेचा था और उनके पास पैसे भी थे, उनके बेटे ने पैसे के लिए उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था. कल यानी रविवार रात करीब 11 बजे उनका बेटा अर्घ्यजीत घर आया और अपने पिता से पैसे हासिल करने की कोशिश की, जिन्होंने पैसे देने में असमर्थता जताई. पिता के इनकार से गुस्साए अर्घ्यजीत ने नशे में अपने पिता की हत्या कर दी.
जब तक पुलिस काजल दास के घर पहुंची, तब तक उनका बेटा अर्घ्यजीत पूर्वी अगरतला पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर चुका था और उसने कुबूल कर लिया था कि उसने अपने पिता की हत्या की है.
इसी तरह एक और मामला
त्रिपुरा के बेलोनिया उपखंड में भारत चंद्र नगर पंचायत के अंतर्गत आदिवासी बहुल ताइचामा गांव में आदिवासी नागरिक मोनिराय (90) की 31 अक्टूबर की रात को उनके शराबी बेटे पुनीराय त्रिपुरा (51) ने इसी तरह हत्या कर दी थी.
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31 अक्टूबर की रात को पुनीराय शराब के नशे में घर लौटा और अपने पिता से झगड़ा करने लगा. जब बुजुर्ग मोनिराय ने इसका विरोध किया तो बेटे पुनीराय ने हथियार उठाकर अपने पिता के सिर पर कई बार वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया.